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केजीएमयू को मिली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, शोध व प्रशिक्षण के अंतरराष्ट्रीय समूह में हुआ शामिल

Thu, 28 Oct 2021 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 02:06 AM IST
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kgmu makes place in international research and training institutes group
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सा विवि अब विश्व के उन प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया है जो ब्रिटेन की स्वयंसेवी संस्था क्रोकेन के साथ जुड़े हैं। क्रोकेन की पहचान ऐसे स्वयंसेवी समूह की है जो चिकित्सा के क्षेत्र में न सिर्फ शोध करता है बल्कि उच्च स्तरीय इलाज के लिए दिशा और गाइडलाइन तय करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया भर के प्रमुख संस्थान इसके लिए क्रोकेन से संपर्क करते हैं। संस्था का प्रमुख काम शोध के साथ प्रशिक्षण देना भी है। क्रोेकेन से जुड़ने के बाद केजीएमयू न सिर्फ चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध में योगदान देगा बल्कि डॉक्टरों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
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केजीएमयू कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि बहुत जल्द केजीएमयू पूरे भारत के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर देगा। डॉ. पुरी ने केजीएमयू को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए प्रो. बलेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. हरदीप सिंह मल्होत्रा, डॉ. हिमांशु रेड्डी, प्रो. आर डी सिंह, डॉ. आनंद श्रीवास्तव और डॉ नीरज की टीम को उनके योगदान के लिए बधाई दी।
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वर्चुअल इवेंट में हुई घोषणा
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि कोक्रेन इंडिया को औपचारिक रूप से बुधवार को वर्चुअल इवेंट में लॉन्च किया गया। इसमें नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद पॉल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल थे। कार्यक्रम में केजीएमयू, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च नई दिल्ली, एम्स नई दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़, सीएमसी वेल्लोर, इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज भुवनेश्वर, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन मणिपाल, टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई और आईआईपीएच हैदराबाद के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रो. पॉल ने स्वीकृत केंद्रों को सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर राष्ट्रीय या क्षेत्रीय नीतियों के हिसाब से तैयार करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। डॉक्टरों की भावी पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए पीजी पाठ्यक्रम में कोक्रेन को शामिल करने का सुझाव भी दिया।
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