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केजीएमयू धर्मांतरण केस: जाकिर नाईक के सीधे संपर्क में थे दो डॉक्टर, एसटीएफ की जांच में होश उड़ाने वाला खुलासा

Thu, 05 Nov 2026 08:35 AM IST
Bhupendra Singh सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Thu, 05 Nov 2026 08:35 AM IST
सार

केजीएमयू धर्मांतरण प्रकरण में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि दो डॉक्टर भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाईक के सीधे संपर्क में रहकर केजीएमयू और पीजीआई में उसकी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। इस मामले में कश्मीर कनेक्शन, तकरीरों में मौलानाओं की मौजूदगी और नए छात्रों को सोशल मीडिया ग्रुप्स से जोड़ने के तथ्य सामने आने के बाद जांच इंटीग्रल विश्वविद्यालय और आगरा के मेडिकल कॉलेज तक फैल गई है।

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KGMU conversion case Two doctors were in direct contact with Zakir Naik revelation in STF investigation
केजीएमयू धर्मांतरण मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में केजीएमयू धर्मांतरण प्रकरण में जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। जांच रिपोर्ट में दो ऐसे डॉक्टरों के नाम शामिल हैं, जो कट्टरपंथी जाकिर नाईक के सीधे संपर्क में थे। आरोप है कि ये डॉक्टर केजीएमयू से लेकर पीजीआई तक उसकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। साथ ही, अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास भी कर रहे थे। जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क से कई लोग जुड़ चुके थे।

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एसटीएफ की जांच में जाकिर नाईक की विचारधारा के प्रचार का उल्लेख किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें दो डॉक्टरों की भूमिका अहम थी। सोशल मीडिया पर बाकायदा ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें जाकिर नाईक के भड़काऊ बयान और कट्टरपंथी सामग्री साझा की जाती थी। यह सामग्री डॉक्टरों और कर्मचारियों तक पहुंचाई जाती थी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्रभावित किया जा सके। ग्रुपों में गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट भी डाली जाती थीं।

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नए छात्रों को जोड़ने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू में आने वाले नए छात्र-छात्राओं, खासकर मुस्लिम विद्यार्थियों को इन ग्रुपों से जोड़ने का प्रयास किया जाता था। समय के साथ विद्यार्थी सोशल मीडिया ग्रुपों के अलावा सीधे संबंधित डॉक्टरों के संपर्क में आने लगते थे। उन्हें विचारधारा का प्रचार करने और दूसरे लोगों को जोड़ने के लिए टास्क दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

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सूत्रों के मुताबिक, आरोपी डॉक्टरों में एक कश्मीर की रहने वाली हैं। एसटीएफ ने उनकी भूमिका की विस्तार से जांच की है। बताया जाता है कि केजीएमयू में तकरीरें भी होती थीं, जिनमें कश्मीर से मौलाना समेत अन्य लोग शामिल होते थे। इन लोगों के आने और उनकी भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।

कश्मीर कनेक्शन की भी जांच

एक डॉक्टर कश्मीर की हैं। उनकी भूमिका एसटीएफ ने काफी गहनता से लिखी है। सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में तकरीरें होती थीं, जिनमें कई बार कश्मीर तक के मौलाना आदि शामिल हुए। अब ये कौन लोग थे और यहां तक क्यों आते थे, ये सब सवाल जांच का विषय हैं।



धर्मांतरण प्रकरण की जांच अब केजीएमयू और पीजीआई के अलावा इंटीग्रल विश्वविद्यालय, आगरा के एक मेडिकल कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंच गई है। इन संस्थानों के कुछ डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

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