यूपी: दीपावली पर जुआ खेलने वालों को नकली नोट खपाने की थी तैयारी, मुंबई में सीखा था नकली नोट छापने का तरीका
श्रावस्ती में एसटीएफ ने नकली नोट छापकर दीपावली पर जुआ खेलने वालों के बीच खपाने की तैयारी कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 1.74 लाख रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर, स्याही, कागज और डाई बरामद हुई। एक आरोपी ने मुंबई में नकली नोट छापना सीखा था।
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एसटीएफ ने श्रावस्ती में जाली भारतीय मुद्रा छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.74 लाख रुपये के जाली नोट, प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरोह दीपावली के दौरान जुआ खेलने वालों के बीच नकली नोट खपाने की तैयारी में था। पूछताछ में एक आरोपी ने मुंबई में नकली नोट छापने का तरीका सीखने की बात बताई है।
एसटीएफ के एएसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से श्रावस्ती में संगठित गिरोह बनाकर नकली नोट छापने और उनकी बिक्री करने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी आधार पर टीम गठित कर निगरानी की जा रही थी।
पांच नवंबर को एसटीएफ को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य सोनवा थाना क्षेत्र के भिटिया चिचड़ी स्थित गिरिराज राइस मिल में मौजूद हैं। टीम ने रात करीब 8:45 बजे छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बहराइच के शिवनगर गोड़ार रोड निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती के नवीन मॉडर्न थाना क्षेत्र के लालबोझी गांव निवासी नरेंद्र कुमार चौरसिया और इकौना थाना क्षेत्र के भगवानपुर बनकट निवासी बृजेंद्र गोस्वामी के रूप में हुई है।
500, 200 और 100 रुपये के नोट छाप रहे थे
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपियों के पास से 500 रुपये के 223, 200 रुपये के 44 और 100 रुपये के 537 जाली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत 1.74 लाख रुपये है। इसके अलावा एक कैनन कलर प्रिंटर, चार प्रिंटर इंक रिफिल, दो खाली इंक रिफिल, ए-4 आकार के तीन बंडल कागज, तीन आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, 500, 200 और 100 रुपये के तीन डाई, 5500 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन मिले हैं।
मुंबई में सीखा जाली नोट छापना
एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में बृजेंद्र गोस्वामी ने बताया कि वह पहले मुंबई में रहता था। वहीं उसने जाली नोट छापने का काम सीखा था। इसके बाद श्रावस्ती आकर उसने गिरिजा शंकर और नरेंद्र के साथ मिलकर जाली नोट छापने और बाजार में खपाने की साजिश रची। आरोपियों को अंदेशा था कि दीपावली के दौरान जुआ खेलने वालों को नकदी की जरूरत होगी। इसी मांग का फायदा उठाकर वे जाली नोट बाजार में चलाना चाहते थे।