{"_id":"695011f8a7e9685157044309","slug":"kgmu-conversion-case-commission-chairperson-meets-vice-chancellor-says-not-just-one-person-is-involved-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजीएमयू धर्मांतरण मामला: आयोग की अध्यक्ष ने कुलपति से की मुलाकात, बोलीं- इसमें सिर्फ एक व्यक्ति का हाथ नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजीएमयू धर्मांतरण मामला: आयोग की अध्यक्ष ने कुलपति से की मुलाकात, बोलीं- इसमें सिर्फ एक व्यक्ति का हाथ नहीं
Sat, 27 Dec 2025 10:36 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 27 Dec 2025 10:36 PM IST
सार
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने प्रारंभिक तथ्यों से मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लगता। इसके पीछे एक संगठित प्रयास की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केजीएमयू में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़े धर्मांतरण के प्रयास का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न संगठनों और नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़ी साजिश लग रही है।
विज्ञापन
कुलपति से हुई बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष ने अब तक की जांच प्रक्रिया की जानकारी ली और विशाखा कमेटी की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट का भी अवलोकन किया। इस दौरान बबीता सिंह चौहान ने कहा कि प्रारंभिक तथ्यों से मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लगता। इसके पीछे एक संगठित प्रयास की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि केजीएमयू जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थान में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे संस्थान की छवि को ठेस पहुंचती है। आयोग पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि पीड़िता को समय पर न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
पीड़िता से संपर्क साध रहा आयोग
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने बताया कि आयोग पीड़िता के हित में लगातार प्रयासरत है। वह पीड़िता से लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रही हैं। अगर वह आयोग से अपनी बात साझा करेंगी तो मदद की जा सकेगी। आयोग हर स्तर पर उसकी सहायता के लिए तैयार है।