फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Kgmu administration cancel tender of kit

केजीएमयू में किट खरीद में गड़बड़ी, टेंडर निरस्त

Fri, 11 Jun 2021 01:51 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 01:51 AM IST
विज्ञापन
Kgmu administration cancel tender of kit
किट खरीद में गड़बड़ी निकलने के बाद केजीएमयू ने टेंडर निरस्त कर दिया है। - फोटो : ??? ?????
केजीएमयू में किट खरीद में गड़बड़ी सामने आने पर अफसरों ने गर्दन बचाने के लिए निजी कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया। जबकि इससे पहले अफसर गड़बड़ी न होने का दावा कर रहे थे।
विज्ञापन

जांच में मामला सही निकला तो गुपचुप तरीके से टेंडर निरस्त कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। आरोप था कि नव ज्योति साइंटिफिक सेल्स कॉरपोरेशन ने जो किट 35.40 रुपये में केजीएमयू को बेचा। वही किट बिहार में जेम पोर्टल के माध्यम से 19.40 रुपये में बेची जा रही है।
विज्ञापन

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने कोरोना संकट में बड़ी संख्या में कोविड टेस्ट किट खरीदीं। वायरस कमजोर पड़ा तब भी नया टेंडर भी पुरानी दरों पर ही जारी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमीनाबाद की नव ज्योति साइंटिफिक सेल्स कॉरपोरेशन ने वीटीएम किट व आरटीपीसीआर किट की आपूर्ति का जिम्मा लिया।
आरोप है कि केजीएमयू के अफसरों की मिलीभगत से किटों के दाम में संशोधन नहीं किया गया। इस मामले को लेकर बीते माह मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई। केजीएमयू अफसर किसी तरह की गड़बड़ी न होने का दावा करते रहे।
आरटीआई कार्यकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत किटों के दाम की जानकारी ली और मुख्यमंत्री से शिकायत कर दी।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वीटीएम किट की बाजार में कीमत महज 7.65 रुपये है और केजीएमयू इसे 35.40 रुपये में खरीद रहा है।
आरटीपीसीआर जांच किट जो 23 रुपये में उपलब्ध है उसे 50.40 रुपये में खरीदा जा रहा है। जांच के आदेश होते ही खुद को फंसता देख केजीएमयू के अफसरों ने नव ज्योति फर्म पर पूरी जिम्मेदारी डाल दी।

केजीएमयू को गुमराह करने की कोशिश की गई
केजीएमयू वित्त अधिकारी ने 29 मई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि फर्म द्वारा केजीएमयू को गुमराह करने की कोशिश की गई। वित्त अधिकारी ने कहा कि फर्म ने 22 अक्तूबर 2020 को शपथ पत्र देकर कहा कि टेंडर में दी गईं दरें न्यूनतम हैं। इससे कम दर पर किट किसी भी संस्थान को नहीं बेची गई है जबकि हकीकत में बिहार में बेची गई किट व केजीएमयू को दी गई किटों की कीमतों में भारी अंतर है। फर्म को दोषी बताते हुए वित्त अधिकारी ने आठ जून को टेंडर निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
अनुबंध खत्म कर दिया गया
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान निजी फर्म के जरिए महंगे दर पर किट भेजी जा रही थी। लिहाजा अनुबंध खत्म कर दिया गया है।
दामों में अंतर एक नजर में
वीटीएम किट
- केजीएमयू वीटीएम किट 35.40 रुपये में खरीद रहा था।
- मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन 7.65 रुपये क्रय कर रहा है।
- बिहार में यह किट 8.23 रुपये में बेची जा रही है।
- झारखंड में 12.09 रुपये में बेची जा रही है।
आरएनए एक्सट्रेशन किट
- केजीएमयू यह किट 65.03 रुपये में खरीद रहा था।
- गुजरात में यह किट 13.95 रुपये में खरीदी जा रही है।
- उड़ीसा में यह किट 14 रुपये में बेची गई।
- त्रिपुरा में 19.88 रुपये में क्रय की जा रही है।
आरटीपीसीआर किट
- केजीएमयू यह किट 50.40 रुपये में खरीद रहा था।
- गुजरात में यह किट 23 रुपये में क्रय की गई।
- झारखंड में 28 रुपये में खरीदी गई।
- असम में यह किट 30.88 रुपये में क्रय की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed