यूपी के डिप्टी सीएम बोले- 14 साल के भ्रष्टाचार की जांच कराएंगे
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सूबे में पिछले 14 वर्षों के भ्रष्टाचार की जांच कराने का एलान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोकनिर्माण विभाग में किसी अपराधी को ठेका न दिया जाए।
सपा का नाम लिए बिना कहा कि यदि दल विशेष के नेता ठेकेदार हैं तो उनकी सूची बनाई जाए। मौर्य ने बृहस्पतिवार को पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया सभागार में अफसरों-कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाने के बाद ये दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने लोकनिर्माण विभाग के कामों का प्रजेंटेशन भी देखा। मौर्य ने कहा कि कहा पिछले 14 सालों में जो कार्यसंस्कृति विकसित हुई है, उसे बदलने की जरूरत है। अधिकारी पारदर्शिता से काम करें। हमें यूपी को बदलना है।
पिछली सरकार में एक जिले और क्षेत्र पर फोकस किया गया था। अब ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए जो अब तक विकास से अछूते हैं। ब्लॉक एवं तहसील स्तरीय सड़कों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क निर्माण के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाएं ताकि काम शुरू हो सके।
हम क्यों नहीं बना पाते हैं गुणवत्ता पूर्ण सड़कें
उन्होंने सवाल किया कि हम गुणवत्तापूर्ण सड़कें क्यों नहीं बना पाते हैं? उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को समाहित कर नया रूप देने के निर्देश देने के साथ ही ओवरलोडिंग रोकने के लिए कड़े प्रबंध करने को कहा।
बाद में विधानभवन स्थित कार्यालय में मीडियाकर्मियों से मुखातिब मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 14 सालों के हर उस प्रकरण की जांच कराएगी जिसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस नीति अपनाएगी।
एक सवाल के जवाब में कहा कि समाजवादी एक्सप्रेस-वे में भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी जांच होगी। अब ऐसी जांच नहीं होगी जिनमें जांच रिपोर्ट पंचम तल पर जाकर दब जाए, कोई कार्रवाई न हो। यदि कोई दोषी होगा तो उस पर कार्रवाई होगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने विभागों में बंटवारे में नाराजगी की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया। कहा, भाजपा में ये सब नहीं चलता है। पार्टी जो काम सौंपती है, उसे निष्ठा के साथ पूरा किया जाता है।