क्या केजरी को मिला मुसलमानों का प्यार?
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शुरूआती आकलन लगभग सही होते जा रहे हैं, काशी में मुस्लिम केजरीवाल को अपने नुमाइंदे के तौर पर देख रहे हैं तो उनकी साफ सुथरी इमेज भी उन्हें मजबूत बनाती है।
दालमंडी स्थित रामप्यारी इंटर कॉलेज के मतदान केंद्र के बाहर खड़े इस्लामिक किताबों के विक्रेता 70 वर्षीय अब्दुल कय्यूम अरफात बेबाकी से कहते हैं, अरविंद केजरीवाल से काफी उम्मीदें हैं।
वे सेक्युलर हैं, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। इसीलिए हमने ‘आप’ को समर्थन देने का फैसला किया।
सनातन धर्म इंटर कॉलेज के बूथ पर वोट डालकर निकलीं नई सड़क निवासी देवरानी-जेठानी रेहाना और हुस्ना बेगम कहती हैं कि पुरानी पार्टियों से आजिज आकर इस बार केजरीवाल को आजमा रहे हैं।
बुजुर्ग कय्यूम, युवा रेहाना और हुस्ना की बेबाकी मतदान को लेकर मुस्लिमों का बदला रुझान बताने के लिए काफी है। काशी के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सोमवार को पोलिंग बूथों पर झाड़ू खूब चली। कहीं हाथ का साथ भी नजर आया, लेकिन साइकिल नहीं दौड़ सकी।
लोगों में दिखी जागरूकता
सुबह-ए-बनारस के लिए मशहूर मंदिरों की नगरी काशी पर सोमवार को पोलिंग-डे का असर साफ नजर आया। सुबह के करीब पांच बजे हैं।
न तो काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए ज्यादा लंबी लाइन है और न ही छह बजे तक संकट मोचन मंदिर में ज्यादा श्रद्धालु हैं। शहर कोतवाल के नाम से मशहूर काल भैरव के द्वार पर भी कम ही लोग हाजिरी लगाने पहुंचे।
बाजार बंद, जलेबी, कचौड़ी की दुकानें बंद।
अस्सी पर हमेशा गुलजार रहने वाली पप्पू की चाय की दुकान का शटर बंद है, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल है। सुबह सात बजे से पहले बूथों पर लाइनें लग गईं।
महिलाएं भी सवेरे से ही वोट डालने के लिए आ रही हैं। सुबह 7.10 बजे प्राइमरी स्कूल सोनारपुरा में बूथ के बाहर खड़े मिले मो. जमील चुनावी रुझान पूछने पर साफगोई से कहते हैं, काशी में तो मुकाबला मोदी और केजरीवाल के बीच है।
यहां है केजरीवाल का प्रभाव
मदनपुरा पहुंचने पर साड़ियों का काम करने वाले युवा महताब कहते हैं, वोट केजरीवाल को दे रहे हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद नहीं छोड़ना चाहिए था।
वहीं नसीम अहमद कहते हैं, यहां वोट बंट रहा है। ‘आप’ के अलावा कुछ वोट कांग्रेस को भी जा रहा है। धूप तीखी हो चली है। घड़ी की सुइयां 11.30 का वक्त बता रही हैं। जूनियर हाईस्कूल कबीर चौरा पर अब तक लगभग 30 फीसदी मतदान हो चुका है।
कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के निवास के नजदीक स्थित इस मिश्रित आबादी वाले पोलिंग स्टेशन पर मो. शहाबुद्दीन कहते हैं, बेदाग छवि, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष और काबिल उम्मीदवार के नाते मुस्लिम केजरीवाल को वोट दे रहे हैं।
उन्होंने नई सियासत की शुरुआत की है। काशी में उनका मुकाबला मोदी से है। सपा से जुड़े मकबूल अहमद कहते हैं, सपा के परंपरागत वोट भाजपा को जा रहे हैं। सपा कहीं दिख नहीं रही है, इसलिए झाड़ू के साथ हैं। फखरे आलम कहते हैं, केजरीवाल को हर बूथ से वोट मिलेगा।
कांग्रेस भी मजबूत
जैतपुरा शहर की बड़ी मुस्लिम आबादी मानी जाती है। यहां मुसलमान झाड़ू और हाथ में बंटे दिखाई पड़े लेकिन पलड़ा ‘आप’ का भारी नजर आया।
साड़ियों का काम करने वाले सुकरुल्ला अंसारी जहां केजरीवाल के पैरोकार हैं, वहीं नसीम अहमद कांग्रेस की मजबूत स्थिति बताते हैं। अब्दुल अंसारी चुनाव को त्रिकोणात्मक मानते हैं।
कमलागढ़ा प्राइमरी स्कूल के बाहर खड़े युवा बुनकर जमीरुल कहते हैं, नौजवानों का रुझान केजरीवाल की तरफ ज्यादा है।
इसी इलाके में इकबाल अंसारी सपा को साइलेंट वोट मिलने का दावा करते हैं। पावरलूम चलाने वाले रियाज अहमद, खुर्शीद भी ‘आप’ की बेहतर स्थिति बताते हैं।
पहली पसंद केजरीवाल
सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में परिवार के साथ आए सिराजुल हक कहते हैं, मेरा वोट केजरीवाल को गया है। कुछ शिया मोदी समर्थक भी हैं लेकिन यह बिल्कुल सच है कि इस बार मुसलमानों की पहली पसंद केजरीवाल हैं, न कि कांग्रेस।
इसी बूथ पर मिले अकील, नाजिया, रेहाना कहती हैं कि वादे तो हर बार किए गए, लेकिन बनारस की समस्याएं आज भी जस की तस हैं।
भाजपा हो या कांग्रेस, मौका हर किसी को मिला। वर्तमान समय में भी भाजपा के विधायक, मेयर हैं, सांसद हैं, उन्होंने क्या किया?
इस बार नए दल को आजमाने में हर्ज क्या है? कहती हैं, हमारा वोट झाड़ू को। केजरीवाल ने देश के राजनीतिज्ञों को बदलने के लिए मजबूर कर दिया है।
मुस्लिम महिलाएं भी मुखर
मतदान के दिन मुस्लिम महिलाओं ने भी पूरा उत्साह दिखाया। बंगाली टोला इंटर कॉलेज बूथ पर मिलीं भेलूपुर निवासी फरजाना खातून बेबाकी से कहती हैं ‘आप’ को वोट किया है। कम से कम शहर में चलने लायक सड़क तो मिले।
हालांकि भेलूपुर की 54 वर्षीय आयशा खातून कहती हैं कि हम कांग्रेसी हैं। पति शाहिद के साथ वोट देने आईं शबा शाहीन कहती हैं कि विकास एक प्रमुख मुद्दा है।
लिहाजा नए प्रत्याशी को आजमाने से परहेज नहीं। शफक और फाइजा ने आम आदमी के मुद्दे पर वोट किया है। कहती हैं, लोग महंगाई से त्रस्त हैं।
बदलाव की पक्षधर हैं, इसलिए ‘आप’ को आजमाना चाहती हैं। केजरीवाल ने देश की राजनीति में बदलाव किया है। मालतीबाग निवासी रुखसाना पति अब्दुल के साथ वोट देकर निकल रही थीं। कहती हैं कि पार्टी नहीं, अच्छे लोगों को वोट देना चाहिए।
भाजपा-कांग्रेस में मुकाबला
भ्रष्टाचार से लड़ाई अहम सवाल
ज्वैलरी की दुकान करने वाले छत्ता तले, दालमंडी निवासी मो. तनवीर कहते हैं, इस समय सवाल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का है। सियासत में ईमानदारी लाने का है। देश को आगे बढ़ाने के लिए इनकी सख्त जरूरत है। केजरीवाल से उम्मीद है, यहां उनका मुकाबला मोदी से है।
पति-पत्नी की राय जुदा
एलआईसी दफ्तर के बूथ पर मतदान के लिए जा रहे परगौरीगंज निवासी मो. यूनुस और उनकी पत्नी की राय जुदा-जुदा है। यूनुस जहां ‘आप’ के समर्थक हैं, वहीं उनकी पत्नी मुमताज को कांग्रेस को वोट देने में परहेज नहीं है।