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काव्य गोष्ठी में बिखेरे कविताओं के रंग
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 02 Dec 2013 10:08 AM IST
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अखिल भारतीय अगीत परिषद के तत्वावधान में रविवार को राजाजीपुरम में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।
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कार्यक्रम की शुरुआत तेज नारायन श्रीवास्तव ‘राही’, राम बहादुर अधीर ‘पिंडवी’, एमएम कपूर व अवधेश मिश्र ‘शांता नंद’ ने सरस्वती वंदना से की।
राम राज भारती ने हिंदी की संवैधानिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए गीत पढ़ा। तेज नारायण ‘राही’ ने ‘डाल डाल पर सोने की चिरईया ही बसेरा करे, ऐसे में भारत स्वर्णिम सबेरा हो’ सुनाया।
हास्य व्यंग के कवि सुभाष हुडदंगी ने ‘एक दिन सड़क पर चल रहा था, उधर से एक बारात भी चली आ रही थी।
ये बारात क्या थी, फैशन की नई दुनिया की दरकार थी’ से लोगों को हंसाया।
मुख्य अतिथि त्रिवेणी प्रसाद दुबे और विशिष्ठ अतिथि के तौर पर डॉ. सुरेश प्रकाश शुक्ल मौजूद रहे।
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