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Vikas Dubey: कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे ने स्क्रैप कारोबारी से छीनी थी सरकारी नंबर की कार
Mon, 06 Jul 2020 04:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 06 Jul 2020 04:42 PM IST
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विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की गोलियां मारकर हत्या का आरोपी कुख्यात विकास दुबे लखनऊ में जिस सरकारी नंबर की अंबेसडर कार से घूमता था, वह स्क्रैप कारोबारी विनीत पांडेय से छीनी गई थी। रविवार रात स्क्रैप कारोबारी ने कृष्णानगर कोतवाली में विकास दुबे, उसके भाई दीप प्रकाश उर्फ दीपक दुबे समेत चार लोगों के खिलाफ रंगदारी और धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पीजीआई की वृंदावन कॉलोनी निवासी स्क्रैप कारोबारी विनीत पांडेय ने एक दिसंबर 2009 को नीलामी में उक्त कार खरीदी थी। स्क्रैप कारोबारी का आरोप है कि सरकारी सीरीज वाले नंबर की कार खरीदने के कुछ दिन बाद विकास अपने भाई दीप व दो अन्य लोगों के साथ उसके घर आया और गाड़ी मांगी।
मना करने पर उसने जानमाल की धमकी दी। विकास ने कहा कि अगर वह कार नहीं देगा तो सुबह का सूरज नहीं देख पाएगा। धमकियों से घबराकर विनीत ने कार उसके सुपुर्द कर दी। विनीत का कहना है कि वह इतनी दहशत में था कि किसी से शिकायत करने की या किसी को कार के बारे में बताने की हिम्मत नही पड़ी। जब भी वह विकास से कार वापस मांगता, वह धमकी देता था।
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एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पीजीआई की वृंदावन कॉलोनी निवासी स्क्रैप कारोबारी विनीत पांडेय ने एक दिसंबर 2009 को नीलामी में उक्त कार खरीदी थी। स्क्रैप कारोबारी का आरोप है कि सरकारी सीरीज वाले नंबर की कार खरीदने के कुछ दिन बाद विकास अपने भाई दीप व दो अन्य लोगों के साथ उसके घर आया और गाड़ी मांगी।
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मना करने पर उसने जानमाल की धमकी दी। विकास ने कहा कि अगर वह कार नहीं देगा तो सुबह का सूरज नहीं देख पाएगा। धमकियों से घबराकर विनीत ने कार उसके सुपुर्द कर दी। विनीत का कहना है कि वह इतनी दहशत में था कि किसी से शिकायत करने की या किसी को कार के बारे में बताने की हिम्मत नही पड़ी। जब भी वह विकास से कार वापस मांगता, वह धमकी देता था।
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जीएन हाउस का मतलब तलाश रही पुलिस
स्क्रैप कारोबारी विनीत पांडेय ने बताया, विकास ने सरकारी नंबर की सीरीज वाली कार के विंड स्क्रीन पर जीएन हाउस लिख रखा था। हालांकि, कार बरामद होने के वक्त ऐसा कुछ लिखा नहीं पाया गया। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जीएन हाउस का मतलब क्या था? पुलिस का कहना है कि जीएन हाउस से गर्वनर हाउस भी हो सकता है। हो सकता है कि विकास सरकारी नंबर की सीरीज की कार में गर्वनर हाउस लिखकर भोकाल बनाता हो।