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Lucknow News: कान्हा उपवन गोशाला बनी आईएसओ प्रमाण पत्र पाने वाली प्रदेश की पहली गोशाला
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लखनऊ। नगर निगम के कान्हा उपवन गोशाला को अंतरराष्ट्रीय मानक संगठन (आईएसओ) का आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र मिला है। यह प्रमाण पत्र गोशाला की व्यवस्थाओं और कामकाजी प्रक्रियाओं के कड़े निरीक्षण के बाद दिया गया। इसके लिए फरवरी में ही नगर निगम ने आवेदन किया था। आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने उपवन के कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी है।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डाॅ. अरविंद राव और पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि यह प्रमाण पत्र गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन प्रणाली के तहत मिला है। यह तीन साल तक वैध रहेगा। अब कान्हा उपवन 10 हजार गायों की क्षमता वाली प्रदेश की पहली ऐसी गोशाला बन गई है, जिसे आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।
वर्तमान में यहां लगभग 10,000 गोवंश का संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा और देखभाल की जा रही है। गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर किया जा रहा है। यहां के गोबर का उपयोग बायो सीएनजी उत्पादन में किया जाता है। गायों के दूध को कर्मचारियों के बच्चों में वितरित करने के बाद शेष दूध बेचने से प्रति माह नगर निगम को औसतन तीन लाख रुपये की आमदनी हो रही है। इसके अलावा, गोशाला के बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
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कान्हा उपवन का राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के अलावा देश के कई प्रदेशों के मंत्री और अफसर दौरा कर चुके हैं और सभी ने नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। पशुकल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि कान्हा उपवन की स्थापना 2012 में तत्कालीन महापौर और वर्तमान राज्यसभा सदस्य डाॅ. दिनेश शर्मा की पहल पर हुई थी।
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नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डाॅ. अरविंद राव और पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि यह प्रमाण पत्र गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन प्रणाली के तहत मिला है। यह तीन साल तक वैध रहेगा। अब कान्हा उपवन 10 हजार गायों की क्षमता वाली प्रदेश की पहली ऐसी गोशाला बन गई है, जिसे आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।
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वर्तमान में यहां लगभग 10,000 गोवंश का संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा और देखभाल की जा रही है। गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर किया जा रहा है। यहां के गोबर का उपयोग बायो सीएनजी उत्पादन में किया जाता है। गायों के दूध को कर्मचारियों के बच्चों में वितरित करने के बाद शेष दूध बेचने से प्रति माह नगर निगम को औसतन तीन लाख रुपये की आमदनी हो रही है। इसके अलावा, गोशाला के बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
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कान्हा उपवन का राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के अलावा देश के कई प्रदेशों के मंत्री और अफसर दौरा कर चुके हैं और सभी ने नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। पशुकल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि कान्हा उपवन की स्थापना 2012 में तत्कालीन महापौर और वर्तमान राज्यसभा सदस्य डाॅ. दिनेश शर्मा की पहल पर हुई थी।