'मुजफ्फरनगर दंगों ने गुजरात दंगों को भी पीछे छोड़ दिया'
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मुस्लिम उलेमा व खानकाहों के सज्जादानशीं मिलकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इसके लिए अगले एक महीने में लखनऊ में शिया व सुन्नी समुदाय का एक बड़ा सम्मेलन होगा। इसमें प्रदेश सरकार के खिलाफ आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह ऐलान शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने किया।
गुरुवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कल्बे जव्वाद ने कहा कि मौजूदा सपा सरकार शिया व सुन्नी दोनों समुदायों को नजरंदाज कर रही है। यह सरकार केवल पांच फीसदी मुसलमानों को ही लाभ पहुंचा रही है।
सरकार लाठीचार्ज के मामले में भी रिकॉर्ड बना रही है। जब कोई जुल्म व भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसकी आवाज डंडों व गोलियों से दबाई जा रही है।
मौलाना ने कहा, मुजफ्फरनगर में जो दंगा हुआ उसने गुजरात दंगे को भी पीछे छोड़ दिया। वहां के राहत शिविरों में आज भी लोग रहने को मजबूर हैं। यह सरकार फसाद करने वालों को बढ़ावा दे रही है।
27 जुलाई के बाद उन लोगों ने प्रदर्शन नहीं किया। सरकार ने बातचीत से रास्ता निकालने की बात कही थी लेकिन अब उसने बातचीत के रास्ते खुद ही बंद कर दिए हैं।
मुसलमानों के घर पर बुलडोजर चलवाते हैं आजम
जव्वाद ने कहा कि जिन लोगों के हाथ में वक्फ की कमान है वे बेईमानी कर संपत्तियों को बेच रहे हैं। यही वजह है कि वक्फ तबाह हो रहे हैं।
उन्होंने आजम खां पर तंज कसते हुए कहा, इस सरकार में मुसलमानों का जो चेहरा बनते हैं वे मुसलमानों के घर पर बुलडोजर चलवाते हैं।
कहा कि इस सरकार की एक ही नीति है फूट डालो राज करो। यही वजह है कि हिन्दू-मुस्लिम, शिया-सुन्नी, देवबंदी-बरेलवी सबको लड़ाया जा रहा है।
जव्वाद को दिया खानकाहों ने समर्थन
उन्नाव स्थित सफीपुर खानकाह (दरगाह) के सज्जादानशीं वलीउल्लाह बकाई ने कहा कि देश के 22 हजार खानकाह उनके साथ हैं। सरकार की ज्यादती के खिलाफ सभी खानकाह मौलाना कल्बे जव्वाद का साथ देंगे। इस मौके पर कानपुर के अहमदुल्ला मियां व अख्तर मियां निजामी ने भी मौलाना का साथ देने की घोषणा की।