लखनऊ। कबीर जयंती की पूर्व संध्या पर कहत कबीर सुनो भाई साधो... शीर्षक पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कबीर की प्रासंगिकता पर चर्चा के साथ ही उनकी रचनाओं पर केंद्रित गायन व नृत्य प्रस्तुतियां हुईं। लोक संस्कृति शोध संस्थान की ओर से प्रियदर्शिनी काॅलोनी स्थित विधायक कार्यालय परिसर में आयोजित लोक चौपाल की अध्यक्षता वरिष्ठ लोकगायिका विमल पंत ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अर्चना गुप्ता ने कबीर भजन जपो रे मन सत्य नाम सुखदायी... से किया। सरिता अग्रवाल ने कबीर निर्गुण हमका ओढ़ावे चलती बेरिया..., वीणा सक्सेना ने मन लागा यार फकीरी में..., देवाश्री पंवार ने चदरिया झीनी रे झीनी... गाकर सुनाया। निवेदिता भट्टाचार्य के निर्देशन में कौन ठगवा नगरिया लूटल हो, चल गोरी आपन चुनरिया बचाइके..., चुनरी के रंग बड़ा सांचा हो... पर सौम्या गोयल, प्रवीन गौर, शिशिर मुखर्जी, मिहीका व अविका गांगुली, अव्युक्ता, नव्यता त्रिपाठी, अरित्रिका त्रिपाठी और यतिका सिंह ने गायन व नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर संस्थान की सचिव डाॅ. सुधा द्विवेदी, चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता, डाॅ. अजय गुप्ता, सुधीर कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।