कोर्ट में दिखाई गई उस रात पीयूष की पूरी करतूत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्योति मर्डर केस में पुलिस के जुटाए साक्ष्य (सीसीटीवी फुटेज) जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की कोर्ट में मंगलवार को देखे गए।
एक फुटेज में हत्याभियुक्त अवधेश और रेनू रेव मोती से चाकू खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब चार्ज पर 22 जून को सुनवाई होगी।
अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी की तरफ से हाईकोर्ट में अर्जी देकर कहा गया था कि उन्हें मुकदमे से संबंधित किसी भी दस्तावेज की नकल नहीं मिली है।
इस पर हाईकोर्ट ने पीयूष, मनीषा और अन्य अभियुक्तों से मोबाइल पर हुई बातचीत की सीडीआर, रिकवरी मेमो की नकल देने का आदेश दिया था।
मामले में सबूत बनाए गए सीसीटीवी फुटेज जिला जज कोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को दिखाने के भी आदेश दिए गए थे। मंगलवार को विशेष लोक अभियोजक दामोदर मिश्र, बचाव पक्ष के अधिवक्ता सईद नकवी, शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र पाल सिंह, अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी, स्वरूप नगर इंस्पेक्टर कमल यादव,
विवेचक इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी और क्राइम ब्रांच की दरोगा पूनम अवस्थी जिला जज कोर्ट पहुंचीं। शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र पाल सिंह ने बताया कि दो घंटे के फुटेज दिखाए।
इसमें 27 जुलाई 2014 की रात पीयूष और ज्योति को वारांडा रेस्टोरेंट में डिनर करते दिखाया गया है। डिनर के बीच पीयूष मोबाइल पर बात करता
रहता है।
डिनर के वक्त हुई थी नोकझोंक
फिर अचानक उठकर अपनी कार के पास आकर मोबाइल पर बात करता है। इसके बाद फिर रेस्टोरेंट आता है। डिनर के दौरान आधा घंटा तक ज्योति और पीयूष में नोकझोंक होती रहती है।
रात ठीक 11:29 बजे पीयूष ज्योति को लेकर आगे बढ़ता है और कार में बैठाकर कंपनी बाग चौराहे की तरफ बढ़ जाता है।
21 जुलाई 2014 की फुटेज देखी गई तो इसमें अवधेश, रेनू रेव मोती से चाकू और अन्य समान खरीदते और बिल बनवाते दिखे।
ज्योति मर्डर केस में फर्जी सिम मामले में मनीषा मखीजा की जमानत पर नौ जून को सुनवाई होगी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कुछ कारणों से मंगलवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी।