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आत्महत्या की कोशिश करने वाली केजीएमयू की जूनियर डॉक्टर ने तोड़ा दम, साथी रेजिडेंट पर केस दर्ज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 15 Oct 2018 02:09 PM IST
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शनिवार को खुदकुशी की कोशिश करने वाली केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की जूनियर डॉक्टर (जेआर थर्ड) डॉ. मनीषा ने सोमवार को दम तोड़ दिया। ट्रामा सेंटर की वेंटिलेटर यूनिट में भर्ती मनीषा के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। मामले में जूनियर डॉक्टर की बहन ने ट्रामा सर्जरी विभाग में कार्यरत जूनियर डाक्टर उधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट वजीरगंज थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी युवती केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एमएस कर रही थी। अलीगढ़ मुस्लिम विवि से एमबीबीएस करने के बाद वह यहां प्रो. अंजू अग्रवाल की यूनिट पांच में बतौर जेआर थर्ड कार्यरत थी और बुद्धा हॉस्टल के रूम नंबर 309 डी में रहती थी। यह सिंगल बेड का कमरा है।
शनिवार की रात करीब 8:30 बजे वह दोस्तों को कमरे में बेहोश मिली। उसके साथी और ट्रामा सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर उधम सिंह ने उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया। उसे गंभीर हालत में वेंटिलेटर यूनिट में रखा गया था। चिकित्सकों के मुताबिक उसने नस में हाई डोज इंजेक्शन लगा लिया था। यह इंजेक्शन ऑपरेशन के दौरान शरीर को शिथिल करने के लिए लगाया जाता है।
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रविवार शाम से डॉ. मनीषा के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। सोमवार दोपहर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी युवती केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एमएस कर रही थी। अलीगढ़ मुस्लिम विवि से एमबीबीएस करने के बाद वह यहां प्रो. अंजू अग्रवाल की यूनिट पांच में बतौर जेआर थर्ड कार्यरत थी और बुद्धा हॉस्टल के रूम नंबर 309 डी में रहती थी। यह सिंगल बेड का कमरा है।
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शनिवार की रात करीब 8:30 बजे वह दोस्तों को कमरे में बेहोश मिली। उसके साथी और ट्रामा सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर उधम सिंह ने उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया। उसे गंभीर हालत में वेंटिलेटर यूनिट में रखा गया था। चिकित्सकों के मुताबिक उसने नस में हाई डोज इंजेक्शन लगा लिया था। यह इंजेक्शन ऑपरेशन के दौरान शरीर को शिथिल करने के लिए लगाया जाता है।
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रविवार शाम से डॉ. मनीषा के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। सोमवार दोपहर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर की बहन ने ये कहा
जूनियर डॉक्टर की बहन ने वजीरगंज कोतवाली में डॉ. उधम सिंह के खिलाफ तहरीर देकर आरोप लगाया कि बहन की तबीयत बिगड़ने के बाद रात डॉ. उधम ने फोन किया था। बताया कि कुछ झगड़ा हो गया था। डांटने पर उसने आत्महत्या की कोशिश की।
पुलिस ने डॉ. उधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उधम सिंह चंदौली जिले के मूल निवासी हैं।
सील कराया जूनियर डॉक्टर का कमरा
केजीएमयू के बुद्धा हॉस्टल की वार्डन ने खुदकुशी की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर का कमरा सील करा दिया है। उसका मोबाइल भी कमरे में ही है। केजीएमयू प्रशासन ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दे दी है।
डॉ. ऊधम के साथियों ने जताया आक्रोश
जूनियर डॉक्टर की बहन की ओर से साथी रेजिडेंट डॉ. ऊधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराने पर साथी डॉक्टरों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि साथी होने की वजह से डॉ. ऊधम सिंह ने सहयोग किया। फोन करके घर वालों को सूचना दी और जूनियर डॉक्टर को ट्रामा सेंटर पहुंचाया। इसके बाद भी उसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इस संबंध में डॉ. ऊधम के साथियों ने चीफ प्राक्टर से शिकायत की है। चीफ प्राक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा का कहना है कि जांच में सारी बातें साफ हो जाएंगी।
पुलिस ने डॉ. उधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उधम सिंह चंदौली जिले के मूल निवासी हैं।
सील कराया जूनियर डॉक्टर का कमरा
केजीएमयू के बुद्धा हॉस्टल की वार्डन ने खुदकुशी की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर का कमरा सील करा दिया है। उसका मोबाइल भी कमरे में ही है। केजीएमयू प्रशासन ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दे दी है।
डॉ. ऊधम के साथियों ने जताया आक्रोश
जूनियर डॉक्टर की बहन की ओर से साथी रेजिडेंट डॉ. ऊधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराने पर साथी डॉक्टरों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि साथी होने की वजह से डॉ. ऊधम सिंह ने सहयोग किया। फोन करके घर वालों को सूचना दी और जूनियर डॉक्टर को ट्रामा सेंटर पहुंचाया। इसके बाद भी उसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इस संबंध में डॉ. ऊधम के साथियों ने चीफ प्राक्टर से शिकायत की है। चीफ प्राक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा का कहना है कि जांच में सारी बातें साफ हो जाएंगी।