जेआरएफ-नेट पास भी नहीं बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेआरएफ और नेट क्वालीफाई कर छात्र-छात्रा असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं बन पाएंगे। नियमानुसार वे इसके लिए आवेदन ही नहीं कर पाएंगे। यूजीसी ने जेआरएफ और नेट के लिए ओबीसी अभ्यर्थियों की योग्यता शिथिल कर दी है, लेकिन उसके अनुरूप शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव नहीं किया गया है।
इससे ओबीसी अभ्यर्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं वे कई विश्वविद्यालयों के शोध कार्यक्रमों में दाखिले से भी वंचित होंगे।
यूजीसी-नेट के लिए परास्नातक में न्यूनतम 55 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। एससी-एसटी, विकलांग वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी अंक की छूट दी गई है, यानी उनके परास्नातक में 50 फीसदी अंक होने चाहिए, लेकिन यूजीसी ने जून-2014 से ओबीसी अभ्यर्थियों को भी पांच फीसदी की छूट दे दी है।
इस तरह से परास्नातक में 50 फीसदी तक अंक पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थी भी इसके लिए योग्य हैं। नई अर्हता शर्त के तहत तीन परीक्षाएं हो चुकी हैं। दो रिजल्ट भी निकल चुके हैं, लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की नियमावली में इसके अनुसार संशोधन नहीं किया गया।
कई यूनिवर्सिटीज ने किए बदलाव
यूजीसी की नियमावली-2010 के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों का परास्नातक में न्यूनतम 55 फीसदी अंक होना चाहिए।
ऐसे में नेट और जेआरएफ करने के बावजूद सैकड़ों ओबीसी अभ्यर्थी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। कई विश्वविद्यालयों के शोध पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए भी परास्नातक में 55 फीसदी अंक होना जरूरी है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत कई यूनिवर्सिटीज ने यूजीसी की नई नियमावली के अनुसार शोध प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता में संशोधन कर लिया है। ऐसे में जेआरएफ-नेट ओबीसी विद्यार्थियों के लिए शोध पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए भी सीमित अवसर हैं।