राहुल ने जहां बटोरी सुर्खियां, वहां छाएंगी साध्वी उमा?
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2009 में घिसौली गांव दलितों के बीच जब राहुल गांधी पहुंचे, तो लोगों को लगा कि नया सवेरा होने वाला है लेकिन आज!
जिस जमुना के घर उन्होंने भोजन किया था, उसका कच्चा घर बारिश में गिर चुका है।
रोजगार है नहीं इसलिए महुआ बीनती है। राहुल के लिए खाना बनाने वाली जमुना की पड़ोसन 60 वर्षीय शांति इस बात से दुखी हैं कि रोजगार के अभाव में उसका बेटा मूलचंद खेतों में काम करने को मजबूर है।
वे कहती हैं, उन जैसे गरीब लोगों को सपने ही क्यों दिखाए जाते हैं। बेहतर हो कि उन्हें ऐसी झूठी उम्मीदों की सीढ़ियों पर चढ़ाया ही न जाए।
अब एक बार फिर नेताओं की फौज उन तक पहुंच रही है और सब्जबाग दिखा रही है। हर कोई दावा कर रहा है कि इस बार उसे आजमा लो, वह उनके सपनों को पंख लगा देगा।
उमा का यह है कहना
मेरा किसी से मुकाबला नहीं : उमा
भाजपा उम्मीदवार उमा भारती कहती हैं, इस चुनाव में उनका किसी प्रत्याशी से कोई मुकाबला नहीं है। वह विचारों की लड़ाई लड़ रहीं हैं।
प्रदेश में पूर्व में सत्ता में रही बसपा का भ्रष्टाचार, कांग्रेस और सपा का कुशासन ही उनकी जीत को सुनिश्चित कर रहा है। चुनाव जीतने के बाद झांसी क्षेत्र की उम्मीदों पर हर हाल में खरा उतरेंगी।
भाजपा से है मुकाबला : प्रदीप
कांग्रेस प्रत्याशी व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य कहते हैं कि इस चुनाव में भाजपा से उनका सीधा मुकाबला है।
अपनी जीत के दावे में वह कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज का उन्नयन, कृषि विश्वविद्यालय, रेल कोच कारखाना जैसे बड़े- बड़े प्रोजेक्ट वह यहां लाए। बबीना क्षेत्र में नहर की योजना भी उनके ही प्रयास से धरातल पर उतरने वाली है।
हम जैसे तब पिछड़े थे, वैसे ही अब भी हैं
बघौरा गांव के प्रकाश आदिवासी कहते हैं कि केंद्र में कांग्रेस के अलावा भाजपा और तीसरे मोर्चे की सरकार भी बन चुकी है। कांग्रेस और अन्य सरकारों में क्या अंतर रहा?
हम जैसे तब पिछड़े थे, वैसे ही अब भी हैं। हालांकि, ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित बिजरौठा गांव के युवाओं की टोली बेबाकी से कहती है कि बदलाव जरूरी है।
मोनू चौबे भाजपा को एक बार मौका दिए जाने की बात करते हैं तो कुछ युवाओं का कहना है कि बसपा को अच्छी सीट आई तो केंद्र में किंग मेकर की भूमिका में वह आ सकती है। ऐसे में यूपी में विकास के लिए पार्टी दबाव बना सकती है।
बिजरौठा स्टैंड के पास मिले श्यामू कहते हैं कि सपा ने इस बार सूबे में जिस तरह विकासपरक योजनाएं शुरू की हैं, यदि वह केंद्र में मजबूत होगी तो विकास की गाड़ी और तेजी से दौड़ेगी।
पहली बार वोटर बने झांसी विधानसभा क्षेत्र के रवि कुमार, मऊरानीपुर क्षेत्र के अशोक को सिर्फ क्षेत्र के विकास से मतलब है, जीते कोई भी।
भाजपा के लिए अहम है ये सीट
बेबाक टिप्पणी से सुर्खियों में रहने वाली भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने इस बार झांसी- ललितपुर संसदीय सीट को भी लाइमलाइट में ला दिया है।
भाजपा के लिए यह सीट कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नरेंद्र मोदी चुनावी सभा के लिए यहां एक बार फिर पहुंच रहे हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह मऊरानीपुर क्षेत्र में चुनावी सभा कर चुके हैं।
पृथक बुंदेलखंड पर भाजपा का कहना है कि मोदी की सरकार बनने के तीन साल में अलग राज्य का फैसला हो जाएगा।
दूसरी पार्टियां भी लगीं हैं जुगत में
हालांकि, पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने यहां रैली में यह कहकर लोगों को रिझाने की कोशिश की कि इसके लिए उन्होंने अपने सरकार के कार्यकाल में विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर लोकसभा को भेज दिया था।
केंद्र में पॉवर आफ बैलेंस की स्थिति में बसपा अपने इस मुद्दे पर आगे भी प्रयत्न करेगी।
वहीं, प्रदीप जैन आदित्य लगातार दुहरा रहे हैं कि अलग बुंदेलखंड राज्य उनके एजेंडे में पहले से ही है।
वहीं, सपा प्रत्याशी चंद्रपाल सिंह यादव पृथक राज्य की जगह विकास को तरजीह दे रहे हैं।
क्या कहने हैं सूरमाओं के
चंद्रपाल बोले- कांग्रेस तो कोसों दूर
सपा प्रत्याशी डॉ. चन्द्रपाल सिंह मानते हैं कि इस चुनाव में उमा भारती ही उन्हें टक्कर दे रहीं हैं। कांग्रेस को वह जीत से कोसों दूर बताते हैं।
कहते हैं, प्रदेश की सपा सरकार के कार्यों की बदौलत वे चुनावी समर में सफल रहेंगे। पैरा मेडिकल कालेज, सीपरी बाजार ओवरब्रिज, मेडिकल कालेज में पांच सौ बेड के नए अस्पताल के भरोसे वोट का दावा कर रहे हैं।
दूर- दूर तक कोई नहीं : अनुराधा
बसपा प्रत्याशी अनुराधा शर्मा कहती हैं कि इस चुनाव में उनके मुकाबले कोई प्रत्याशी नहीं है।
मायावती सरकार के सुशासन को लोग याद कर रहे हैं। बसपा की जोरदार जीत होगी। वे जात-पात की राजनीति नहीं करतीं। विकास उनका एकमात्र उद्देश्य है।