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प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को पंख लगाएगा जेवर एयरपोर्ट, एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Sat, 30 Nov 2019 10:14 AM IST
शाहरुख खान सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 30 Nov 2019 10:14 AM IST
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Jewar Airport will increase state economy and industrial development
सांकेतिक तस्वीर
जेवर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही औद्योगिक विकास को पंख लगाएगा। एयरपोर्ट के लिए केवल भूमि अधिग्रहण पर चार हजार करोड़ रुपये के खर्च से प्रदेश सरकार को वर्ष 2060 तक एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। वहीं एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
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नागरिक उड्डयन विभाग ने वित्तीय निविदा से पहले अनुमान लगाया था कि 100 रुपये प्रति यात्री बिड आने पर सरकार को 2060 तक 35 हजार करोड़ की आय होगी। 150 रुपये प्रति यात्री बिड आने पर 46 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। 
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शुक्रवार को दिल्ली में खोली गई वित्तीय निविदा में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने 400.94 रुपये प्रति यात्री की सबसे ऊंची बोली लगाई है। विभाग के अनुमान के अनुसार इससे 2060 तक राज्य सरकार को 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक आय होगी।
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नागरिक उड्डयन विभाग ने निवेश के आउटपुट मल्टीप्लायर के सिद्धांत के आधार पर अनुमान लगाया है कि एयरपोर्ट पर 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेस-वे के आसपास करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। वहीं जॉब मल्टीप्लायर के सिद्धांत के अनुसार अनुमान है कि इससे 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से और 90 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
 

20 साल का इंतजार 2 साल में खत्म किया

जेवर एयरपोर्ट के लिए सन 2000 में पहली बार प्रस्ताव लाया गया था। मार्च 2017 तक यह प्रस्ताव नागरिक उड्डयन विभाग और औद्योगिक विकास विभाग के बीच घूमता रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को हाथ में लिया। 

मुख्यमंत्री के निजी प्रयास से केंद्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 6 जुलाई 2017 को प्रस्तावित स्थल को मंजूरी दी। 5 अक्तूबर 2017 को गृह मंत्रालय और 8 नवंबर को आईबी ने इमिग्रेशन सर्विस के लिए मंजूरी दी। 11 जनवरी 2018 को रक्षा मंत्रालय तथा 20 अप्रैल को पर्यावरण विभाग की मंजूरी मिली। 9 मई 2018 को केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट के निर्माण की सैद्धांतिक सहमति दी।

27 मार्च 2018 को एयरपोर्ट के लिए फॉर्मेशन ऑफ प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी (पीएमआईसी) गठित की गई और 26 नवंबर को पीएमआईसी ने निविदा का मसौदा तैयार किया। 11 दिसंबर 2018 को कैबिनेट ने निविदा के मसौदे को मंजूरी दी। 30 मई 2019 को ग्लोबल टेंडर जारी किया गया। 15 जुलाई को प्री-बीड कॉन्फ्रेंस के बाद 6 नवंबर को तकनीकी बिड और 29 नवंबर को वित्तीय निविदा खोली गई।

आसान नहीं था निजी भूमि का अधिग्रहण

जेवर एयरपोर्ट के लिए कुल 1334 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी। इसमें से 1239.1416 हेक्टेयर भूमि निजी थी। शुरुआती दौर में किसानों, आवासीय एवं व्यावसायिक भूमि के मालिकों ने जमीन नहीं देने का एलान किया। किसानों ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन भी किया, लेकिन अंतत: प्रदेश सरकार के प्रयास, आकर्षक मुआवजा और पुनर्स्थापना योजना के बाद किसान जमीन देने को तैयार हुए।

सरकार ने 50.5250 हेक्टेयर भूमि पर 2637 विस्थापित परिवारों को पुन: बसाया है। एयरपोर्ट के लिए अब तक 82 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो गया है। इस पर राज्य सरकार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और युमना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कुल 4078.38 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 
 

फेज 1 में होंगे ये कार्य

4150*60 मीटर का रन-वे।
रन-वे के समानांतर टैक्सी-वे।
90 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 2750 यात्रियों के बैठने की क्षमता की टर्मिनल बिल्डिंग।
50 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग।
एटीसी बिल्डिंग।
मेंटेनेंस बिल्डिंग।
मैनेजमेंट बिल्डिंग।
अग्निशमन और इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन।


इस तरह बढ़ेगी जेवर एयरपोर्ट निर्माण की रफ्तार
फेज    विकास अवधि वर्ष    संचालन अवधि    लागत    यात्री क्षमता           
फेज 1    2020-22    2023-27    4588 करोड़    12 लाख यात्री प्रतिवर्ष   
फेज 2    2028-30    2031-32    5983 करोड़    30 लाख यात्री प्रतिवर्ष      
फेज 3    2033-35    2036-37    8415 करोड़    50 लाख यात्री प्रतिवर्ष     
फेज 4  2037-39    2040-50    10575 करोड़    70 लाख यात्री प्रतिवर्ष

कार्गो परिवहन का भी बड़ा केंद्र बनेगा
जेवर एयरपोर्ट माल परिवहन (कार्गो) का भी बड़ा केंद्र बनेगा। फेज 1 में 7.5 लाख टन, फेज 2 में 10 लाख टन, फेज 3 में 15 लाख टन और फेज 4 का निर्माण पूरा होने पर एयरपोर्ट से प्रतिवर्ष 20 लाख टन माल का परिवहन हो सकेगा।
 
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