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यूपी: बिजली अभियंताओं व जेई का आंदोलन स्थगित, ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद अभियंता संगठन का फैसला
Sun, 03 Apr 2022 03:30 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 03 Apr 2022 03:30 PM IST
सार
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मिले आश्वासन के बाद बिजली विभाग के अभियंताओं और जेई ने दो सप्ताह से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया है और 4 से 6 अप्रैल तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला भी टाल दिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिजली अभियंताओं का दो सप्ताह से चल रहा आंदोलन ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। ऊर्जा मंत्री ने आंदोलनकारी अभियंताओं व जेई की समस्याओं के समाधान तथा बिजली निगमों में कार्य का बेहतर वातावरण बनाने का भरोसा दिया है। आश्वासन मिलने के बाद राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ व जूनियर इंजीनियर संगठन ने 4 से 6 अप्रैल तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला टाल दिया।
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सचिवालय स्थित कार्यालय में ऊर्जा मंत्री की विद्युत परिषद अभियंता संघ व जूनियर इंजीनियर संगठन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। संगठनों के प्रतिनिधियों ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के दमनात्मक रवैये, शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार और व्याप्त भय के वातावरण के बारे में विस्तार से ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया और उन्हें सभी मुद्दों पर लिखित ज्ञापन दिया। मंत्री ने संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए सभी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। बिजली निगमों में कार्य का बेहतर वातावरण बनाया जाएगा।
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ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि संगठनों द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मामलों विशेषकर ईआरपी घोटाला, स्मार्ट मीटर खरीद, सबसे सस्ती बिजली देने वाले उत्पादन निगम को कोयला खरीदने के लिए धनराशि न देना और बाजार से 21 रुपये प्रति यूनिट की बिजली खरीदना, बड़ी संख्या में सलाहकारों की नियुक्ति आदि पर प्रबंधन लिखित टिप्पणी दे जिससे इस पर कार्यवाही की जा सके। ऊर्जा मंत्री ने उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों और सेवा शर्तों में प्रतिगामी संशोधनों के समाधान के लिए संगठनों को स्पष्ट आश्वासन दिया। वार्ता में पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार और निदेशक कार्मिक एके पुरवार तथा संगठनों की ओर से शैलेंद्र दुबे, पल्लब मुखर्जी, जीबी पटेल, प्रभात सिंह, जय प्रकाश, अदालत वर्मा, आलोक कुमार श्रीवास्तव तथा दिनेश प्रजापति शामिल हुए।
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वार्ता का लिखित कार्यवृत्त जारी
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने वार्ता का लिखित कार्यवृत्त भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि आंदोलन के कारण किसी भी कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व अभियंता पर कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।