जयाप्रदा के डीएल पर एक और विवाद, होगा निरस्त
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सपा की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनने के बाद शनिवार को उनके अस्थाई पते पर डिस्पैच कर दिया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने कहा कि जयाप्रदा इस डीएल का निवास प्रमाणपत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।
दरअसल, उन्हें यह लर्निंग डीएल कार चलाना सीखने के लिए दिया गया है। इसे छह माह के भीतर स्थाई कराना पड़ेगा।
जयाप्रदा ने 27 मई की रात बायोमीट्रिक टेस्ट देकर लर्निंग डीएल बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई थी। इस काम के लिए रात 9:30 बजे आरटीओ दफ्तर खोला गया था। जयाप्रदा ने लर्निंग डीएल के फॉर्म में अस्थाई पते के रूप में गोमतीनगर स्थित एक आवास का उल्लेख किया है।
उन्होंने आरटीओ को दिए शपथ पत्र में स्थाई पता हैदराबाद बताया है। दफ्तर खुलवाकर बायोमीट्रिक टेस्ट देने और अस्थाई पते के विवाद के चलते उनका लर्निंग डीएल 28 मई को नहीं बनाया गया, लेकिन 29 मई को इसे बनाकर 30 मई की सुबह अस्थाई पते पर भेज दिया गया।
...तो फंसेंगे परिवहन विभाग के अफसर
जयाप्रदा ने लर्निंग डीएल का इस्तेमाल यदि विधान परिषद पहुंचने के लिए किया तो परिवहन विभाग के अफसर फंसेंगे। माना जा रहा है कि उन्होंने लखनऊ का पता दिखाकर विधान परिषद में मनोनयन के लिए लर्निंग डीएल बनवाया है।
इस मुद्दे पर विपक्ष बखेड़ा खड़ा कर सकता है। रात को दफ्तर खुलवाकर डीएल की प्रक्रिया पूरी करने वाले अधिकारी मुसीबत में पड़ सकते हैं।
लर्निंग डीएल निवास प्रमाणपत्र नहीं
मामले पर आरटीओ लखनऊ सगीर अहमद अंसारी का कहना है कि परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस को निवास प्रमाण एवं पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन लर्निंग डीएल न तो निवास प्रमाण पत्र है न ही पहचान पत्र।
इस लर्निंग डीएल को छह माह में परमानेंट नहीं कराया गया तो स्वत: निरस्त हो जाएगा। इससे सिर्फ कार चलाना सीखा जा सकता है।