बदहाल किसानों को पकड़कर उन्हें आतंकियों की तरह मुजरिम बता रही है सरकार: रालोद उपाध्यक्ष
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार हर मोर्चे पर फेल है। आलू किसान आत्महत्या कर रहे हैं और उन्हें पकड़ कर आतंकवादियों की तरह मुजरिम बताया जा रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।
सरकार बताए कि आलू किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए गठित टीम ने क्या किया। किसानों के शोषण के खिलाफ 8 फरवरी को लखनऊ विधान सभा के सामने प्रदर्शन कर आरपार की लड़ाई होगी।
जयंत कोटवा सड़क में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आलू किसान लागत न मिलने के चलते शीतगृहों से आलू नहीं निकाल रहा। फरवरी में नई फसल का भविष्य खराब होने को लेकर चिंतित है। किसान पीड़ित न होते तो इतनी संख्या में यहां न जुटते। चौधरी ने कहा कि पूरे देश में उत्पादित आलू का 40 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश से होता है।
लाखों टन पैदावार वाले इस प्रदेश में सिर्फ 13 हजार क्विंटल आलू खरीद कर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र किसानों की समस्याओं को लेकर ठोस कदम नहीं उठाती है तो बड़े पैमाने पर प्रदेश सरकार को किसान घेरेंगे। उन्होंने आलू के लाभकारी मूल्य की घोषणा, सरकारी खरीद की व्यवस्था, भंडारण, दर व आलू पर संस्करण उद्योग स्थापित करने की मांग रखी।
ठगा जा रहा है आलू किसान
राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में आलू किसान ठगा जा रहा है। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर मसूद अहमद ने कह कि सरकार किसानों की लूट बंद करें नहीं तो रालोद आंदोलन करेगी।
राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दूबे ने कहा कि आगरा से शुरू होकर आलू किसानों की लड़ाई आज बाराबंकी तक पहुंची है। किसानों के हित पर फैसला नहीं हुआ तो विधान सभा के सामने बड़ा प्रदर्शन कर सरकार की नींद हराम कर देंगे। राष्ट्रीय सचिव शिवकरण सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके नेताओं ने चुनाव के पूर्व किसानों की फसलों का वाजिब मूल्य दिलाने की बात कही थी।