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आजम खान की सांसदी को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने किया खारिज

Fri, 14 Jun 2019 05:46 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 14 Jun 2019 05:46 PM IST
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jaya prada goes to high court with lawyer amar singh challenges azam khan for mp
कोर्ट परिसर में अमर सिंह के साथ जया प्रदा - फोटो : amar ujala
जया प्रदा द्वारा आजम खान की सांसदी को चुनौती देने वाली याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। शुक्रवार सुनवाई के दौरान जस्टिस राजन राय व नरेंद्र कुमार जोहरी की ग्रीष्मावकाशकालीन खड़पीठ ने जया प्रदा की याचिका को खारिज कर दिया। 
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खंडपीठ ने याचिका को यह कह कर खारिज कर दिया कि निर्वाचन को चुनौती निर्वाचन याचिका द्वारा ही दी जा सकती है। साथ ही यह भी कहा गया कि निर्वाचन क्षेत्र रामपुर होने के कारण याचिका लखनऊ बेंच में पोषणीय नहीं है। रामपुर का ज्यूरिशडिक्शन इलाहाबाद हाईकोर्ट के तहत आता है।  
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याचिका में रामपुर से सपा सांसद आजम खां के सांसदी को चुनौती दी गई थी। याचिका में जया की ओर से कहा गया था कि आजम लाभ के दो पद पर हैं। जया के साथ अमर सिंह कोर्ट पहुंच थे। लोकसभा चुनाव में आजम खां ने रामपुर सीट पर जया प्रदा को हराया था। 
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याचिका में जया प्रदा के वकील अशोक पांडेय ने अदालत से गुजारिश की थी कि आजम खान से यह पूछा जाए कि मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय के कुलपति होने के नाते वे जब लाभ के दूसरे पद के लिए अयोग्य हैं, तब किस कानूनी अधिकार से संसद सदस्य का पदभार संभाले हुए हैं। याचिका में दलील दी गई है कि यह तय नियम है कि एक ही व्यक्ति लाभ के दो पदों पर नहीं रह सकता। लिहाजा आजम खान की कुलपति सीट को रद्द कर याची को रामपुर लोकसभा का सांसद घोषित किया जाए।

अमर सिंह भी हैं जया प्रदा के वकील

कभी उत्तर प्रदेश की राजनीति में खासी भूमिका निभाने वाले राज्यसभा सदस्य अमर सिंह भी इस मामले में जया प्रदा के वकील हैं। अधिवक्ता अशोक पांडेय के अनुसार अमर सिंह ने याचिका पर दस्तखत करने के साथ ही वकालतनामा भी दाखिल किया है। अमर सिंह ने वकालत करने के लिए 1984 में पंजीकरण कराया था और यह पहली बार है जबकि बतौर वकील वे सामने आए हैं।
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