फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Jammu: Wool collection center will open in Jammu and Kashmir

Jammu kashmir News : घाटी में खुलेंगे ऊन संग्रह केंद्र, मवेशियों के लिए 1000 शेड बनेंगे

Sun, 18 Sep 2022 01:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Sep 2022 01:56 AM IST
सार

Jammu kashmir News :उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में ऊन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग में ऊन कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। जनजातीय समुदाय के मवेशियों के लिए एक हजार शेड बनाए जाएंगे।

विज्ञापन
Jammu: Wool collection center will open in Jammu and Kashmir
LG Manoj Sinha - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में ऊन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग में ऊन कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। जनजातीय समुदाय के मवेशियों के लिए एक हजार शेड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 1500 स्वयं सहायता समूहों को एक-एक लाख और 50 समूहों को ढोकों में जेनसेट और सोलर प्रणाली लगाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मवेशियों के बीमा के लिए योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही बड़े मवेशियों की तरह छोटे मवेशियों के लिए हेल्थ कार्ड भी बनाए जाएंगे ताकि बीमारियों का प्रसार रोका जा सके। 

विज्ञापन


श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर कन्वेंशन सेंटर में भेड़ व बकरी पालन की चुनौतियों पर आयोजित कार्यशाला में शनिवार को उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य मवेशियों का उत्पादन बढ़ाना है। अब तक अनछुए क्षेत्र में निर्यात की संभावनाएं तलाशना है। कहा कि भेड़ और बकरी पालन से प्रदेश की 12 लाख आबादी जुड़ी हुई है। सरकार का प्रयास है कि समावेशी विकास की योजना लाकर इन परिवारों के जीवनयापन में सुधार लाया जाए। पूरे देश में जम्मू-कश्मीर में भेड़ तथा बकरे की मीट की खपत सबसे अधिक है। इस भारी मांग को पूरा करने के लिए हमें दूसरे राज्यों से 40 फीसदी आयात करना पड़ता है। यह चुनौती के बजाय अवसर है जिसका सभी को लाभ उठाना चाहिए। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मॉडल भेड़पालन प्रणाली विकसित करने के लिए न्यूजीलैंड से समझौता किया गया है। इसमें ऊन और मीट का उत्पादन दोगुना करना व भेड़पालकों की अतिरिक्त आय को बढ़ाना शामिल है। जम्मू-कश्मीर में देश की सबसे उत्कृष्ट भेड़ की प्रजाति पाई जाती है। हम देश में दूसरे नंबर के ऊन उत्पादक हैं और गुणवत्ता के मामले में नंबर एक हैं। अब तक ऊन प्रसंस्करण की दिशा में बहुत कुछ नहीं हो पाया है, लेकिन सरकार इस पर लगातार काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जल्द ही इन उपायों की घोषणा की जाएगी। दोनों ही संभाग में समान सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां ऊन कलेक्शन, उनकी ग्रेडिंग, पैकेजिंग की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सराहनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं, लेकिन हमारा प्रयास है कि यह नई ऊंचाइयां छुए। जाने माने वैज्ञानिक डॉ. मंगला राय की अध्यक्षता में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अगले तीन महीने में रोडमैप प्रस्तुत करेगी। 


मवेशियों में फुट रॉट बीमारी का टीका लगाने पर एमओयू
कार्यक्रम में शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) के वाइस चांसलर प्रो. नजीर अहमद गनेई ने बताया कि विश्वविद्यालय ने मवेशियों के पैर सड़ने की बीमारी (फुट रॉट) के निदान के लिए टीका विकसित किया है। इसके  सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस अवसर पर स्कॉस्ट और भेड़पालन विभाग के बीच फुट रॉट टीका को लेकर आपसी समझौते के मसौदे (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। हस्ताक्षर प्रो. गनेई और कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू के बीच किया गया। इस मौके पर प्रगतिशील उत्पादक व उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानी भी बताई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed