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जयराम ने फिर लिखी चिट्ठी, क्या करेंगे अखिलेश
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Feb 2014 12:58 PM IST
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बार-बार नाफरमानी बर्दाश्त कर रहे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को मनरेगा की सीबीआई जांच के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश के बाद अच्छा मौका मिल गया है।
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जयराम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के सात जिलों के साथ बाकी अन्य जिलों के मनरेगा काम में हुई धांधली की तेजी से सीबीआई जांच के लिए अधिकारियों को निर्देशित करने को कहा है।
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इस पत्र के बाद लोकसभा चुनाव में मनरेगा को लेकर केंद्र व राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप में तेजी आने के आसार हैं।
केंद्रीय मंत्री जयराम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली मुलाकात से ही प्रदेश के सात जिलों में मनरेगा योजना में धांधली के आरोपों की सीबीआई जांच की संस्तुति करने का आग्रह करते रहे हैं।
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उनका कहना था कि 2007 से 2010 के बीच बलरामपुर, गोंडा, महोबा, सोनभद्र, संतकबीरनगर, मिर्जापुर व कुशीनगर में इस योजना में काफी धांधली हुई है।
उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को कई बार चिट्ठी भी लिखी। मगर वह हर बार उनका आग्रह ठुकराते रहे।
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा मनरेगा योजना में धांधलियों की सीबीआई जांच का आदेश देने के बाद जयराम ने मुख्यमंत्री को एक नया पत्र लिखकर पूरे प्रदेश में धांधली की सीबीआई जांच कराने का दबाव बढ़ा दिया है।
यह पत्र उन्होंने 11 फरवरी को लिखा है।
इसमें उन्होंने अपने बार-बार के आग्रह और हाईकोर्ट के फैसले का विस्तार से हवाला देते हुए इन सात जिलों के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी जांच शुरू कराने का आग्रह किया है।
जयराम रमेश ने मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने को कहा है।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह जांच शुरू करने संबंधी अनुरोध प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर सीबीआई को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए।
जयराम ने कहा है कि कोर्ट के फैसले के अनुसार मनरेगा में निधियों के उपयोग के पर्यवेक्षण के लिए जिला व राज्य स्तर पर बहु सदस्यीय राज्य गुणवत्ता निगरानीकर्ता का गठन भी किया जाए।