'रेसकोर्स रोड वाले मौनी बाबा से प्रेरणा लेती हैं स्मृति ईरानी'
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अमेठी पहुंचकर स्मृति और राहुल के बीच होने वाली जुबानी जंग अब एक दूसरे पड़ाव पर पहुंच गई है। कांग्रेस के नेता अब स्मृति के साथ इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी परोक्ष तौर पर कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस ने मंगलवार को एक बार फिर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि गलती से भी स्मृति ईरानी को सच बोलना नहीं आता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा कि स्मृति तो रेसकोर्स रोड पर रहने वाले मौनी बाबा से प्रेरणा लेती हैं। उन्होंने व्यंग करते हुए कहा कि यही कारण है कि वे सच कहां बोलेंगी?
दरअसल, रविवार को स्मृति ईरानी ने अमेठी में सम्राट साइकिल की फैक्ट्री वाली जमीन हड़पने के आरोप कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर लगाए थे। उन्होंने कहा था अमेठी में किसानों की जमीन राजीव गांधी चैरिटेबिल ट्रस्ट ने ले ली है।
इसी आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि स्मृति ईरानी ने जो भी आरोप लगाए हैं वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
जयराम ने बताया क्या है सच!
राजीव गांधी चैरिटेबिल ट्रस्ट ने यह जमीन नीलामी में खरीदी है। बैंक का कर्जा न दे पाने के कारण सम्राट साइकिल की फैक्ट्री वाली जमीन की नीलामी कराई गई थी। इसकी नीलामी लिक्विडेटर की तैनाती के बाद हुई थी।
इसी नीलामी में सबसे ज्यादा बोली लगाकार राजीव गांधी चैरिटेबिल ट्रस्ट ने यह जमीन ली है।उन्होंने कहा कि यह सरकार तो वैसे भी नीलामी की सरकार है। प्रधानमंत्री भी नीलामी को पसंद करते हैं। यही वजह है कि कोयला आवंटन हो या फिर मिनरल वाटर हर चीज की नीलामी हो रही है।
यहां तक की प्रधानमंत्री मोदी के सूट की भी नीलामी कराई गई। पिछले दिनों बिहार में जब पैकेज की उन्होंने घोषणा की तो वह भी नीलामी में बोली के अंदाज में की। ऐसे में नीलामी में ली गई जमीन पर क्यों सवाल उठाए जा रहे हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि स्मृति ईरानी जब येल यूनिवर्सिटी में छह दिन रही और फिर बाद में उन्होंने यह झूठ बोल दिया कि उन्हें येल यूनिवर्सिटी से डिग्री मिली है। ऐसे मंत्री से सच की उम्मीद करना बेइमानी है। यह जमीन राजीव गांधी चैरिटेबिल ट्रस्ट ने लीगल तरीके से ली है।