ITC Scam: 10 करोड़ रुपये के आईटीसी घोटाले में वरिष्ठ सपा नेता के रिश्तेदार भी जांच के घेरे में
आईटीसी घोटाले में वरिष्ठ सपा नेता के रिश्तेदार देवेंद्र सिंह भी जांच के घेरे में आ गए हैं। उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। मामला 10 करोड़ के घोटाले का है।
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फर्जी फर्म द्वारा 10.76 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ट्रांसफर करने के मामले में राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त देवेंद्र सिंह के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। देवेंद्र सिंह वरिष्ठ सपा नेता के करीबी रिश्तेदार बताए जाते हैं। रायबरेली में पंजीकृत फर्म राजधानी इंटरप्राइजेज की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण में फर्म नहीं पाई गई, जिसके बाद उसका पंजीयन निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद फर्म ने 10.76 करोड़ रुपये का बोगस आईटीसी लेकर ट्रांसफर कर दिया था।
इस बेहद गंभीर मामले में शासन ने सहायक आयुक्त रितेश बरनवाल और उपायुक्त मनीष कुमार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया था। ये दोनों ही अधिकारी संयुक्त आयुक्त देवेंद्र सिंह के अधीनस्थ थे। संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) देवेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले की जानकारी तत्परता से लखनऊ जोन और केंद्रीय जीएसटी को नहीं दी। साथ ही राजस्व को बचाने में भी लापरवाही की। उनकी जांच आईएएस सैमुअल पाल एन को सौंपी गई है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक देवेन्द्र सिंह सपा सरकार में प्रभावी रहे हैं। वे पश्चिम के जिलों में तैनात रहे हैं। पहले उनके पास संयुक्त कार्यपालक के साथ एसआईबी की भी जिम्मेदारी थी। कुछ समय पहले ये जिम्मेदारी ली गई और नई पोस्टिंग दी गई। फिलहाल कानपुर में तैनात हैं। रायबरेली में फर्जीवाड़े के दौरान वह जेसी कार्यपालक रेंज बी थे।