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लखनऊ : माफिया मुख्तार अंसारी के घर पर पुलिस का छापा, इटली व स्लोवेनिया के हथियार बरामद

Thu, 17 Oct 2019 10:29 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 17 Oct 2019 10:29 PM IST
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italy and slovenia imported weapons found at mafia mukhtar ansari house
छापे में बरामद हथियार - फोटो : amar ujala
बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारकर लखनऊ पुलिस ने छह असलहे और 4431 कारतूस समेत भारी मात्रा में शस्त्र सामग्री बरामद की है। 
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अब्बास के खिलाफ एसटीएफ की जांच में एक लाइसेंस पर पांच शस्त्र खरीदने के आरोप में शनिवार को ही महानगर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि एएसपी क्राइम और सीओ गाजीपुर की टीम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से उक्त कार्रवाई की है।
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एसएसपी ने बताया कि असलहे व कारतूस अलग-अलग बोर के हैं। कुछ असलहे विदेश से मंगाए गए हैं। अब्बास ने अलग-अलग राज्यों से अभिलेखों में धोखाधड़ी कर उक्त असलहे और कारतूस प्राप्त किए थे। अब्बास के खिलाफ महानगर कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली थी। 
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इस मामले की जांच के लिए एसपी ट्रांस गोमती अमित कुमार को नोडल अधिकारी नामित कर सीओ महानगर आईपीएस सोनम कुमार के नेतृत्व में पुलिस की दो टीम गठित करके विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। 

दिल्ली पुलिस से अब्बास के असलहों के रिकार्ड मंगाने के बाद छापे की तैयारी की गई। एसपी ट्रांस गोमती ने डीसीपी/एसीपी साउथ वेस्ट सफदरगंज इन्क्लेव नई दिल्ली से संपर्क कर स्थानीय स्तर पर सहयोग मांगा और कोर्ट से सर्च वारंट लेकर दिल्ली पहुंच गई।

इटली की बेरेटा गन से लेकर ऑस्ट्रिया की ग्लाक-25 पिस्टल के बैरल मिले

अब्बास के पास से बरामद असलहों में इटली से आयातित .12 बोर की डबल बैरल और सिंगल बैरल बेरेटा गन के साथ ही ऑस्ट्रिया की ग्लॉक-25 पिस्टल के बैरल और स्लाइड समेत तमाम असलहे मिले हैं। 

लखनऊ की इंडियन आर्म्स कॉर्प से खरीदी गई .300 बोर की मैगनम रायफल, दिल्ली के राजधानी ट्रेडर्स से खरीदी .12 बोर की डबल बैरल बेरेटा गन और मेरठ के शक्ति शस्त्रागार से यूएसए की .357 बोर की रगर जीपी 100 रिवाल्वर भी उसके पास से मिलीं। 

स्लोवेनिया से लाई गई एक रायफल जिसमें .223, .357, .300, .30, .30-60, .308 व .458 बोर के सात स्पेयर बैरल हैं। ऑस्ट्रिया की .380 ऑटो बोर की ग्लॉक-25 पिस्टल की एक स्लाइड बैरल, ऑस्ट्रिया की ही .40 बोर की ग्लॉक-23 जेन-4 की एक स्लाइड बैरल, .22 बोर की एक अन्य विदेशी पिस्टल का स्लाइड बैरल, ऑस्ट्रिया की .380 बोर की एक मैगजीन, ऑस्ट्रिया की .40 बोर की एक मैगजीन व ऑस्ट्रिया का ही एक लोडर भी पुलिस ने जब्त किया है।

राष्ट्रीय स्तर का शूटर बताकर खरीदे असलहे

अब्बास ने खुद को राष्ट्रीय स्तर का शूटर बताकर विभिन्न बोर के असलहे खरीदे हैं। राष्ट्रीय स्तर के शूटर को सरकार न सिर्फ एक ही लाइसेंस पर कई असलहे खरीदने का लाभ देती है बल्कि ऐसे व्यक्तियों को असलहों की कीमत में भी छूट मिलती है। अब्बास ने राष्ट्रीय स्तर के शूटर होने से संबंधित दस्तावेज पुलिस को दिए हैं। महानगर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि दस्तावेजों की छानबीन कराई जा रही है।

जिला प्रशासन की अनुमति व पुलिस को सूचना दिए बगैर स्थानांतरित कराया था लाइसेंस
अब्बास अंसारी मूलरूप से गाजीपुर के मोहम्मदाबाद स्थित यूसुफपुर दर्जी टोला का रहने वाला है और यहां महानगर के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी में रहता है। उसने वर्ष 2002 में मेट्रो सिटी के ही पते से डबल बैरल गन का लाइसेंस बनवाया था। वर्ष 2015 में उसने उक्त लाइसेंस को दिल्ली के बसंतकुज स्थित किशनगंज के अपने दूसरे पते पर स्थानांतरित करा लिया। 

लाइसेंस स्थानांतरित करने के लिए उसने लखनऊ के जिला प्रशासन से अनुमति नहीं ली। न ही महानगर कोतवाली की पुलिस को इसकी सूचना दी। बाद में उसने अपने लाइसेंस पर चार और शस्त्र खरीद लिए जिस पर महानगर कोतवाली के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह की तरफ से उसके खिलाफ धोखाधड़ी, तथ्य छिपाने और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
 

एसटीएफ की जांच में हुआ था फर्जीवाड़े का खुलासा

अब्बास अंसारी के एक लाइसेंस में पांच असलहे खरीदने के मामले का खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ था। दरअसल एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश में अपराधिक छवि के लोगों को दिए गए शस्त्र लाइसेंस की जांच शुरू की जिसमें मुख्तार और उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम नौ लाइसेंस जारी होने का खुलासा हुआ। 

इसमें से तीन शस्त्र लाइसेंस मुख्तार और उसके बेटे अब्बास के नाम पाए गए। जांच में पता चला कि अब्बास ने जिला प्रशासन की अनुमति और स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित करा लिया। 

दिल्ली में उसने राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज होने के आधार पर उक्त लाइसेंस पर चार और असलहे खरीद लिए। पुलिस का कहना है कि एक ही शस्त्र दो प्रदेशों में अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस व अलग-अलग यूआईडी पर एक साथ अंकित होना शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है।
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