{"_id":"5da435708ebc3e93a45fdc0b","slug":"irregularities-in-pashu-ashray-kendra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"निराश्रित गोवंश संरक्षण में घोटाला, महाराजगंज के डीएम, एसडीएम समेत पांच अफसर निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निराश्रित गोवंश संरक्षण में घोटाला, महाराजगंज के डीएम, एसडीएम समेत पांच अफसर निलंबित
Mon, 14 Oct 2019 10:43 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 14 Oct 2019 10:43 PM IST
सार
- रजिस्टर में दर्ज हैं 2500 गोवंश पशु, स्थलीय निरीक्षण में मिले सिर्फ 954
- गो-सदन की 328 एकड़ जमीन भी किसानों व अन्य लोगों को ठेके पर दे दी
- निलंबित होने वालों में सीवीओ, डिप्टी सीवीओ व पूर्व एसडीएम भी शामिल
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराजगंज जिले में निराश्रित गोवंश के संरक्षण में बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रथमदृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग, गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही सामने पर सरकार ने सोमवार को महाराजगंज के जिलाधिकारी और निचलौल के वर्तमान व पूर्व एसडीएम समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। निलंबित होने वालों में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शामिल हैं।
विज्ञापन
मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सोमवार को लोकभवन में प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि महराजगंज के मधवलिया गो-सदन में निराश्रित गोवंश रखे जाते हैं। गोसदन के रजिस्टर में निराश्रित गोवंश की संख्या लगभग 2500 अंकित है लेकिन स्थलीय निरीक्षण में 954 पशु मिले हैं।
विज्ञापन
इस गो-सदन के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच गोरखपुर के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर कराई गई। जांचसमिति ने गो-सदन में गंभीर लापरवाही एवं अनियमितता पाई हैं। इससे प्रतीत होता कि गोवंश की संख्या जानबूझकर काफी अधिक दर्शायी गई है। शासन स्तर से इनके लिए धन भी लिया जा रहा था।
विज्ञापन
प्रथमदृष्टया बड़े पैमाने पर शासकीय धन के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए महराजगंज के जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, निचलौल के तत्कालीन उपजिलाधिकारी देवेन्द्र कुमार, वर्तमान उप जिलाधिकारी सत्यम मिश्रा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी निचलौल डॉ. वीके मौर्य और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
यह तथ्य भी सामने आया है कि गो-सदन का ऑडिट नहीं कराया और अभिलेखों का रखरखाव ठीक नही हैं।
अधिकार क्षेत्र केबाहर जाकर ठेके पर दी जमीन
मुख्य सचिव ने बताया कि मधवलिया में गो-सदन के लिए वन विभाग की 500 एकड़ जमीन का कब्जा पशुपालन विभाग को दिया गया था। गो-सदन समिति ने लगभग 328 एकड़ भूमि को एक निश्चित समयावधि के लिए हुंडा व किसानों, अन्य लोगों व फर्मों को दे दिया। यह विधिक प्रक्रिया केअनुरूप नहीं है और गो-सदन के अधिकार क्षेत्र में भी नहीं है। इसके लिए किसी से अनुमति भी नहीं ली।
गो-सदन समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सचिव व उप जिलाधिकारी निचलौल व उप मुख्य चिकित्साधिकारी निचलौल सदस्य हैं। इनकी जिम्मेदारी बनती है कि अनियमितताएं न हों। गोवंश का सरंक्षण और स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
तस्करी की आशंका पर कुछ कहना उचित नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि गोवंश सरक्षण को लेकर सरकार गंभीर है। महराजगंज के प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। सीमावर्ती नेपाल को गोवंश की तस्करी पर आशंका पर उन्होंने कहा कि अभी इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा।
गो-आश्रय स्थलों की जिला, मंडल व शासन स्तर से निगरानी
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की जिला, मंडल व शासन स्तर से निगरानी कराई जा रही है। शासन स्तर से हर जिले के लिए नामित नोडल अधिकारी भी गोवंश स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। गोवंश के संरक्षण में किसी भी स्थल पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगा।
गो-सदन समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सचिव व उप जिलाधिकारी निचलौल व उप मुख्य चिकित्साधिकारी निचलौल सदस्य हैं। इनकी जिम्मेदारी बनती है कि अनियमितताएं न हों। गोवंश का सरंक्षण और स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
तस्करी की आशंका पर कुछ कहना उचित नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि गोवंश सरक्षण को लेकर सरकार गंभीर है। महराजगंज के प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। सीमावर्ती नेपाल को गोवंश की तस्करी पर आशंका पर उन्होंने कहा कि अभी इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा।
गो-आश्रय स्थलों की जिला, मंडल व शासन स्तर से निगरानी
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की जिला, मंडल व शासन स्तर से निगरानी कराई जा रही है। शासन स्तर से हर जिले के लिए नामित नोडल अधिकारी भी गोवंश स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। गोवंश के संरक्षण में किसी भी स्थल पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगा।
उज्जवल महराजगंज के नए डीएम, रवि रंजन प्रयागराज के नगर आयुक्त बने
महराजगंज में निराश्रित गोवंश के संरक्षण में गड़बड़ी मिलने पर प्रदेश सरकार ने वहां के डीएम अमरनाथ उपाध्याय को निलंबित कर प्रयागराज के नगर आयुक्त उज्जवल कुमार को नई तैनाती दी है। वहीं, लखीमपुर खीरी के मुख्य विकास अधिकारी रवि रंजन को प्रयागराज का नगर आयुक्त बनाया गया है।
2012 बैच के आईएएस अधिकारी उज्जवल इसके पहले सूचना निदेशक, नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन व सीडीओ मैनपुरी के पद पर कार्यरत रहे हैं।
उधर, 2014 बैच के आईएएस अधिकारी रवि रंजन पहले आजमगढ़ में ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट व चित्रकूट व मिर्जापुर में असिस्टेंट कलेक्टर रहे हैं। सीडीओ लखीमपुर खीरी तथा महराजगंज प्रकरण में निलंबित किए गए दो उपजिलाधिकारियों के स्थान पर अभी नई तैनाती नहीं दी जा सकी है। हालांकि इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
2012 बैच के आईएएस अधिकारी उज्जवल इसके पहले सूचना निदेशक, नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन व सीडीओ मैनपुरी के पद पर कार्यरत रहे हैं।
उधर, 2014 बैच के आईएएस अधिकारी रवि रंजन पहले आजमगढ़ में ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट व चित्रकूट व मिर्जापुर में असिस्टेंट कलेक्टर रहे हैं। सीडीओ लखीमपुर खीरी तथा महराजगंज प्रकरण में निलंबित किए गए दो उपजिलाधिकारियों के स्थान पर अभी नई तैनाती नहीं दी जा सकी है। हालांकि इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।