6,645 शिक्षकों की भर्ती में जमकर हो रही मनमानी
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राजकीय व बालिका इंटर कॉलेजों में प्रशिक्षित शिक्षक (एलटी) भर्ती में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक मनमानी कर रहे हैं। जिससे जीआईसी व जीजीआईसी में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों के पद भरना शासन की प्राथमिकता में है।
इसके बाद भी निदेशालय व संयुक्त शिक्षा निदेशकों के ढीले रवैये से निर्धारित समय तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा को भेजे निर्देश में नाराजगी जताई है। उन्होंने 30 सितंबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि जीआईसी व जीजीआईसी में 6,645 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों इसकी जिम्मेदारी दी।
इसके लिए तीन माह की समय-सीमा तय की गई थी। अधिकांश संयुक्त शिक्षा निदेशकों के स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया और इसके आंकड़े वेबसाइट पर अपलोड नहीं। पहली काउंसलिंग के बाद एक ही अभ्यर्थी का चयन कई मंडलों में हो गया।
इस तरह की हो रही गड़बड़ी
इसमें से किसी एक मंडल के अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी कोई ऐसी व्यवस्था नहीं कि जिससे अन्य मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशकों को इसकी जानकारी मिले। इसके चलते ऐसे अभ्यर्थियों का नाम दूसरे मंडलों से नहीं हटाया गया और वहां भी उसका नाम बना है।
लापरवाही पर शासन गंभीर
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने लापरवाही को गंभीरता से लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, जिससे एक मंडल में नियुक्ति होने वाले अभ्यर्थी की सूचना दूसरे मंडलों को मिले।
इस पर आवेदन शुल्क से आने वाला पैसा खर्च होगा। इसी तरह कोई शिक्षक कार्यभार ग्रहण करता है तो इसकी सूचना भी इसी सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन किया जाए।