फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   investigation report of fire in hotel

एसी कमरों में घुटन से होटल अग्निकांड हादसा बना अधिक जानलेवा, जल्दी सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट

Wed, 03 Jul 2019 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
investigation report of fire in hotel
प्रतिकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
चारबाग इलाके के दो होटलों में वर्ष 2018 में 19 जून को लगी आग के दौरान एसी कमरों में धुएं से हुई घुटन ने हादसे को अधिक जानलेवा बनाया। इन होटलों में निर्माण के दौरान बिल्डिंग बाइलॉज की अनदेखी हादसे के समय ज्यादा खतरनाक व जानलेवा बनी। हादसे के बाद शुरू हुई मजिस्ट्रेटी जांच में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे डीएम को सौंपा जाएगा। मामले की जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट गिरजेश चौधरी ने बताया कि हादसे में मारे गए पीड़ितों का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों की उपलब्धता न हो पाने के कारण ही रिपोर्ट को अंतिम स्वरूप देने में देरी हुई। मंगलवार को बयान देने से छूटे लोहिया अस्पताल के डाक्टर ने भी अपना बयान दर्ज करा दिया। इसी के साथ इस हादसे की जांच से जुड़े सभी पक्षकारों के बयान दर्ज कर लिए गए। अब इसी सप्ताह अंतिम जांच रिपोर्ट लापरवाहों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन


दोनों होटलों में हुए भीषण अग्निकांड के बाद डीएम कौशल राज शर्मा ने 19 जून 2018 को ही मजिस्ट्रेट जांच का आदेश करते हुए तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। जांच के दौरान आग लगने के कारण, सुरक्षा इंतजाम में लापरवाही, हादसे के जिम्मेदार और हादसे में मारे गए लोगों की मौत के वास्तविक कारण का पता लगा अंतिम रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन, जांच के दौरान ही सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव का तबादला हो गया। इसे पूरा करने का कार्य नए सिटी मजिस्ट्रेट गिरजेश चौधरी को सौंपा गया। जांच के दौरान फायर विभाग, लेसा, एलडीए, विद्युत सुरक्षा व पुलिस के अफसरों व कर्मचारियों सहित दोनों होटलों में तैनात स्टाफ कर्मियों, प्रबंधन व हादसे के समय मौजूद आस पास के प्रत्यक्षदर्शियों के साथ ही हादसे के दौरान होटल में ठहरने के कारण मारे गए सात लोगों का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के लिखित बयान दर्ज हुए।
विज्ञापन


ये मिलीं खामियां
- दोनों होटलों में अग्नि सुरक्षा के मानकों की अनदेखी।
- होटलों में एसी युक्त बने नो स्मोक जोन कमरे कई गुना ज्यादा खतरनाक साबित हुए।
- शार्ट सर्किट के बाद भूतल की आग से ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों में भरा धुआं बाहर न निकल पाने से लोगों के लिए दमघोटू बना।
- होटल की दीवारों के प्लास्टिक पेंट, फाइबर फाल्स सीलिंग, माड्यूलर अलमारी ने आग को भड़काने का काम किया।
- एक होटल में अस्थायी लाइसेंस से बेसमेंट में चल रहे बार ने आग को तेजी से भड़काया।
-दोनों होटलों में बने कमरों में एसी चलाने के दौरान एयर वेंटिलेशन के इंतजाम नहीं मिले।
-दोनों होटलों में मानक से कम माप के तार से इलेक्ट्रिक वायरिंग मजिस्ट्रेट जांच में सामने आयी है।
-अग्नि शमन यंत्र भी शो-पीस बने नजर आए। आग बुझाने को मौजूद फायर फर्स्ट एड होजरील तक में पानी तक का इंतजाम नहीं दिखा।
-फायर एक्सटिंग्यूशर भी आईएसआई मार्का की जगह लोकल मेड मिले।
-होटलों के बीच सैटबैंक क्षेत्र तक नहीं छोड़ा गया था, जबकि बिल्डिंग बाइलॉज के तहत भवन के चारों तरफ छह मीटर स्थान छोड़ना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed