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एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में भ्रष्टाचार: मामले की जांच शुरू, स्वास्थ्य विभाग के सामने रिकवरी की भी चुनौती
Tue, 09 Sep 2025 08:31 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 09 Sep 2025 08:31 AM IST
सार
Lucknow News in Hindi : यूपी में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में भ्रष्टाचार मामले की जांच शुरू हो गई। एक पद पर छह-छह लोगों को तैनाती दी गई। सभी वेतन भी उठा रहे थे। खुलासा हुआ तो अफसरों के होश उड़ गए। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने रिकवरी की भी चुनौती है।
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एक्सरे टेक्नीशियन के पदों की भर्ती में फर्जीवाड़ा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में हुए भ्रष्टाचार में विभाग के सामने भी कई तरह की चुनौतियां हैं। तत्कालीन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और टेक्नीशियन द्वारा लिए गए वेतन की रिकवरी करने में कई तरह की मुश्किलें आएंगी। दूसरी तरफ अंकुर और अंकित नाम से फर्जीवाड़ा करके नौकरी करने वालों की भी जांच शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग में अर्पित के नाम से फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी कर रहे छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। एक-एक एक्सरे टेक्नीशियन ने अब तक करीब साढ़े पांच करोड़ रुपया वेतन के रूप में लिया है। अब ये सभी फर्जी टेक्नीशियन फरार हो गए हैं।
आधार नंबर भी फर्जी होने की आशंका है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वालों से वेतन रिकवरी करने में भी कई तरह की अड़चनें आने की आशंका है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य चिकत्सिाधिकारियों को यह भी आदेश दिया है कि वर्ष 2016 में चयनित 403 एक्सरे टेक्नीशियन की नए सिरे से सत्यापन कराया जाए।
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ये हरदोई, लखीमपुर और गोंडा में कार्यरत कर्मी वेतन ले रहे हैं, जबकि बदायूं, आजमगढ़, ललितपुर वाले नौकरी छोड़ चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय की जांच टीम इनकी भी कुंडली खंगालने में लगी है। संबंधित जिलों के सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को लखीमपुर खीरी और गोंडा में कार्यरत एक्सरे टेक्नीशियन दोपहर बाद गायब बता रहे हैं। विभाग की ओर से मंगलवार को इनके बारे में कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य विभाग में अर्पित के नाम से फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी कर रहे छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। एक-एक एक्सरे टेक्नीशियन ने अब तक करीब साढ़े पांच करोड़ रुपया वेतन के रूप में लिया है। अब ये सभी फर्जी टेक्नीशियन फरार हो गए हैं।
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आधार नंबर भी फर्जी होने की आशंका है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वालों से वेतन रिकवरी करने में भी कई तरह की अड़चनें आने की आशंका है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य चिकत्सिाधिकारियों को यह भी आदेश दिया है कि वर्ष 2016 में चयनित 403 एक्सरे टेक्नीशियन की नए सिरे से सत्यापन कराया जाए।
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अंकुर और अंकित मामले में मांगी रिपोर्ट
वर्ष 2016 की एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती में चयनित 403 में अंकुर के नाम से एक ही व्यक्ति है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में इस नाम से अभी तक दो लोगों के नौकरी करने की बात सामने आई है। इसमें एक मैनपुरी में तो दूसरा मुजफ्फरनगर में कार्यरत है। इसी तरह अंकित के नाम से पांच लोग कार्यरत हैं।ये हरदोई, लखीमपुर और गोंडा में कार्यरत कर्मी वेतन ले रहे हैं, जबकि बदायूं, आजमगढ़, ललितपुर वाले नौकरी छोड़ चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय की जांच टीम इनकी भी कुंडली खंगालने में लगी है। संबंधित जिलों के सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को लखीमपुर खीरी और गोंडा में कार्यरत एक्सरे टेक्नीशियन दोपहर बाद गायब बता रहे हैं। विभाग की ओर से मंगलवार को इनके बारे में कार्रवाई होने की उम्मीद है।