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Lucknow News: किसकी शह पर पहचान छिपकर रह रहा था सोहराब, जानकारी जुटा रहीं जांच एजेंसियां

Thu, 20 Nov 2025 02:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 02:35 AM IST
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Investigating agencies are gathering information on whose instigation Sohrab was hiding his identity
मोहम्मद सोहराब। - फोटो : सोहराब।
लखनऊ। सीरियल किलर भाइयों में सबसे छोटा सोहराब कोलकाता में छिपकर रह रहा था। वह फर्जी नाम पते पर टैक्सी बाइक भी चला रहा था। जांच एजेंसियां अब शह देने वाले के बारे में पता लगा रही हैं। माना जा रहा है कि एसटीएफ भी सोहराब से पूछताछ करेगी। सोहराब पेरोल खत्म होने के बाद से तिहाड़ जेल नहीं लौटा था। सोहराब के लापता होने के बाद से खुफिया एजेंसियां अलर्ट थीं।
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खुफिया एजेंसियों का मानना था कि सोहराब किसी बड़ी वारदात के लिए पेरोल से भागा था। सोहराब और उसके भाइयों पर 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। यूपी एसटीएफ की टीम भी आरोपी की तलाश में लगी थी। हालांकि, सोहराब ने एक बार फिर यूपी पुलिस को चकमा दे दिया और दिल्ली पुलिस ने उसे कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि सोहराब कोलकाता में मुस्लिम बहुल इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। सोहराब से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा कि वह कोलकाता किसकी मदद से पहुंचा।
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दरअसल, सोहराब पेरोल पर जेल से निकला था। इसके लिए उसने पत्नी की बीमारी का हवाला दिया था। पत्नी से मिलने के बाद से वह जेल नहीं गया था। सोहराब के दोनों बड़े भाई सलीम और रुस्तम तिहाड़ जेल में ही बंद हैं। सोहराब के नेपाल के रास्ते विदेश भागने की चर्चा थी, लेकिन वह कोलकाता में मिला। सोहराब का सदर बाजार में घर है। सोहराब के भागने के बाद पुलिस ने वहां छानबीन भी की थी।
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तीन हत्याओं के बाद चर्चा में आए थे सगे भाई

सलीम, रुस्तम और सोहराब सगे भाई हैं। इनका एक और भाई शहजादे था। वर्ष 2004 में रमजान माह में शहजादे की हुसैनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। ठीक एक साल बाद उसी दिन तीनों भाइयों ने मिलकर अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों की हत्या कर दी थी। हत्या से पहले सलीम ने तत्कालीन एसएसपी आशुतोष पांडेय को फोन पर कहा था कि वह वारदात को अंजाम देने जा रहा है। इस घटना के बाद से तीनों का नाम सीरियल किलर भाई पड़ा था। आरोपी रंगदारी, वसूली, अपहरण, मादक पदार्थों और असलहे की तस्करी करते थे।

सुपारी लेकर हत्या करने लगे थे तीनों
सीरियल किलर भाई सुपारी लेकर हत्या करने लगे थे। दिल्ली में तीनों ने दिनदहाड़े ज्वैलरी शॉप में डकैती डाली थी। यही नहीं, वजीरगंज इलाके में समाजसेवी सैफी की सरेआम हत्या कर दी थी। इसके बाद अमीनाबाद में अपने गुर्गे से पार्षद रहे पप्पू पांडे की हत्या करवा दी थी। दिल्ली में डकैती मामले में तीनों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया था। आरोपियों ने संभल के पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान के नाती फैज की हत्या करवा दी थी। इसके पीछे आरोपियों के परिवार की एक महिला से फैज की नजदीकी बताई गई थी। आरोपी लखनऊ कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान व्यापारियों से रंगदारी वसूलते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों की ऑनलाइन पेशी शुरू की गई।
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