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Interview: निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद बोले- अखिलेश ने निषादों पर गोलियां चलवाईं, मोदी ने गले लगाया
Tue, 22 Feb 2022 10:59 AM IST
ishwar ashish
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 22 Feb 2022 10:59 AM IST
सार
निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा, मोदी-शाह ने निषादों को आरक्षण का आश्वासन दिया है जबकि अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में अन्याय किया।
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निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद
- फोटो : amar ujala
विस्तार
निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का कहना है कि सपा सरकार में अखिलेश यादव ने निषाद समाज पर न केवल गोलियां चलवाईं, बल्कि समाज के लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल भी भेजा था। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निषाद समाज को गले लगाकर न केवल समाज को मुख्यधारा में लाने का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि समाज के आरक्षण की मांग को भी आगे बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि निषाद पार्टी, अपना दल और भाजपा का गठबंधन 300 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास कायम करेगा। चौथे, पांचवें, छठे और सातवें चरण के चुनाव में निषाद समाज के मतदाता कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में होंगे। चुनावी मुद्दों को लेकर संजय निषाद ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत की...
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निषाद आरक्षण पर क्या रुख रहेगा
सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पिछड़े वर्ग के आरक्षण का लाभ सपा शासन में केवल एक ही जाति हो मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री ने समाज की बातों को सुना है और आरक्षण का आश्वासन दिया है। समाज के आरक्षण के मुद्दे को भाजपा सरकार सही दिशा में ले जा रही है। समाज को भरोसा है कि अब आरक्षण की टिकाऊ व्यवस्था हो रही है।
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अखिलेश का दावा है कि 80 प्रतिशत पिछड़े और दलित उनके साथ हैं?
अखिलेश और मुलायम सिंह पांच बार मुख्यमंत्री रहे हैं। अखिलेश पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने के लिए सपा सरकार में हुए पांच काम बता दें। अब तो गांव का यादव भी कहता है कि साइकिल की सवारी का मतलब नहीं है। सपा ने पिछड़ी जातियों को ठगा, सरकारी नौकरियों और योजनाओं में भेदभाव किया।
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ओमप्रकाश राजभर और सपा का गठबंधन कितना असरदार होगा?
ओमप्रकाश राजभर सुबह अखिलेश के यहां चाय पीते हैं, दोपहर में जलेबी खाने किसी और के पास बैठते हैं और रात को भाजपा के चक्कर काट रहे हैं। वे 2003 से पार्टी चला रहे थे, लेकिन उनकी जमानत जब्त होती थी। भाजपा के समर्थन से ही 2017 में पहली बार विधायक बने। महाराजा सुहेलदेव के हत्यारे की मजार पर ओमप्रकाश राजभर गए हैं। राजभर समाज भाजपा के साथ है। ओमप्रकाश अपनी सीट भी नहीं बचा पाएंगे।
पूर्वांचल में सपा का मुस्लिम यादव गठबंधन काम करेगा?
मुस्लिम वर्ग के उन्मादियों को संरक्षण देना ही अखिलेश के लिए जहर साबित हो रहा है। इसलिए जनता अखिलेश से दूर हो रही है। अखिलेश के पास वोट बैंक नहीं है। निषाद पार्टी, अपना दल और भाजपा का गठबंधन 300 प्लस सीटें जीतकर इतिहास कायम करेगा।