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नागरिकता कानूनः जुमे की नमाज से पहले यूपी के नौ जिलों में इंटरनेट सेवा बंद, हाई अलर्ट जारी
Fri, 27 Dec 2019 12:58 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:58 AM IST
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नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध के मद्देनजर पूरे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी है। जुमे की नमाज को देखते हुए प्रदेश के नौ जिलों में इंटरनेट सेवा बंद करने का फैसला लिया गया है। इन जिलों में गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फनगर, बागपत, शामली, आगरा और फिरोजाबाद हैं। ये इलाके शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी में रहेंगे।
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विगत 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद इन जिलों में जमकर उपद्रव हुआ था। उपद्रवियों ने पुलिस की कई चौकियां फूंक दी थी। इस हिंसा में कई लोगों की मौत भी हुई थी।
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पुलिस ने किया पैदल मार्च
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध पर बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस ने जगह जगह पैदल मार्च किया गया। जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। धारा 144 लागू है तथा इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है, तो स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस और रैली पर पूरी तरह पाबंदी है।
बिजनौर में शुक्रवार को नमाज के बाद माहौल शांत रखने के लिहाज से जिले में 10 कंपनी पीएसी व अर्द्धसैनिक बल को लगाया गया है। विभिन्न जगह पैदल मार्च किया गया है। छह ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी। 250 जगह पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इंटरनेट सेवा गुरुवार दोपहर ही बंद कर दी गईं। स्कूलों में अवकाश किया गया है।
मुजफ्फरनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुजफ्फरनगर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जुमे की नमाज के बाद अधिकारी लोगों को नमाज के बाद सड़कों पर नहीं आने के लिए समझा रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व हुए उपद्रव वाले स्थानों में मदीना चौक, कच्ची सड़क, मीनाक्षी चौक, फक्करशाह चौक व अन्य स्थलों पर भी फोर्स तैनात कर दी गई है।
इसी बीच गुरुवार को सरवट क्षेत्र में विवादित पोस्टर लगाकर कुछ लोगों ने शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल उक्त पोस्टर उतारकर कब्जे में ले लिए।
सहारनपुर में हाई अलर्ट
सहारनपुर में जुमे की नमाज के बाद नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को देखते हुए जिले में अलर्ट घोषित कर दिया है। गुरुवार दोपहर को ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। पुलिस अधिकारियों ने जिले भर में पैदल मार्च निकालकर शांति बनाए रखने की अपील की। देवबंद में जुलूस, धरना प्रदर्शन और रैली आदि पर पूर्णत: पाबंदी लगा दी गई है।
उधर, बागपत को चार जोन और 16 सेक्टर में बांट दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। उधर, शामली जिले को चार सुपर जोन, नौ जोन और 58 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। 10 क्यूआरटी और एक कंपनी पीएसी को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया है। कैराना पर खास फोकस रहेगा। डीएम और एसपी ने शांति समितियों की बैठक कर शांति की अपील की। जिले में इंटरनेट सेवाओं को बृहस्पतिवार देर शाम से शुक्रवार शाम चार बजे तक बंद करने के निर्देश दिए हैं।
- 74 मुकदमे हो चुके हैं दर्ज
बीते शुक्रवार को भी जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई थी। पथराव, तोड़़फोड़ और आगजनी की गई थी। हिंसा में बिजनौर के नहटौर में दो युवकों की गोली लगने से मौत हुई थी, जिनमें सुलेमान की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई, जबकि अनस की मौत उपद्रवियों की गोली लगने से बताई गई थी। दोनों जिलों में 47 पुलिसकर्मी भी उपद्रव में घायल हुए। मुजफ्फरनगर में उपद्रव के दौरान नूरा की मौत हुई थी। उपद्रव को लेकर मुजफ्फरनगर में 40 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 258 नामजद और 6000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी हैं। इनमें से 73 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिजनौर में 31 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 215 नामजद और 5400 से ज्यादा अज्ञात आरोपी हैं इनमें 146 आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। बिजनौर पालिका के पूर्व चेयरमैन सहित तीन आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। सहारनपुर में दो मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें दो नामजद और 1850 अज्ञात आरोपी हैं। शामली में पुलिस ने चार युवकों को हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया, जो पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ता बताए गए।
- बैठकें कर शांति की अपील
बृहस्पतिवार को सभी जिलों में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने थानों और विभिन्न इलाकों में शांति समिति की बैठकें कीं। जुमे की नमाज के बाद शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
- 74 मुकदमे हो चुके हैं दर्ज
बीते शुक्रवार को भी जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई थी। पथराव, तोड़़फोड़ और आगजनी की गई थी। हिंसा में बिजनौर के नहटौर में दो युवकों की गोली लगने से मौत हुई थी, जिनमें सुलेमान की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई, जबकि अनस की मौत उपद्रवियों की गोली लगने से बताई गई थी। दोनों जिलों में 47 पुलिसकर्मी भी उपद्रव में घायल हुए। मुजफ्फरनगर में उपद्रव के दौरान नूरा की मौत हुई थी। उपद्रव को लेकर मुजफ्फरनगर में 40 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 258 नामजद और 6000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी हैं। इनमें से 73 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिजनौर में 31 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 215 नामजद और 5400 से ज्यादा अज्ञात आरोपी हैं इनमें 146 आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। बिजनौर पालिका के पूर्व चेयरमैन सहित तीन आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। सहारनपुर में दो मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें दो नामजद और 1850 अज्ञात आरोपी हैं। शामली में पुलिस ने चार युवकों को हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया, जो पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ता बताए गए।
- बैठकें कर शांति की अपील
बृहस्पतिवार को सभी जिलों में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने थानों और विभिन्न इलाकों में शांति समिति की बैठकें कीं। जुमे की नमाज के बाद शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।