इस साल रिटायर होने वाले शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन आने वाले सरकारी और सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को जून नहीं अब मार्च में रिटायरमेंट देने की तैयारी है। यह व्यवस्था इसी शैक्षिक सत्र से लागू करने का विचार है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि 2 अप्रैल 2015 के बाद रिटायर होने वाले शिक्षकों को यह लाभ देते हुए उन्हें 31 मार्च 2016 को रिटायर किया जाए।
मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद शासनादेश जारी किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक करीब 4000 से 5000 शिक्षक हर साल रिटायर होते हैं।
यूपी बोर्ड का शैक्षिक सत्र पहले एक जुलाई से 30 जून तक होता था। इसलिए 2 जुलाई के बाद रिटायर होने वाले शिक्षकों को एक शैक्षिक सत्र का लाभ देते हुए अगले वर्ष 30 जून को रिटायर किया जाता था। लेकिन राज्य सरकार ने अब यूपी बोर्ड का शैक्षिक सत्र बदलते हुए एक अप्रैल से 31 मार्च कर दिया है।
इसलिए किया जा रहा है रिटायर
इसलिए शिक्षक चाहते हैं कि 2 अप्रैल के बाद रिटायर होने वाले शिक्षकों को उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद अधिनियम में दी गई व्यवस्था के मुताबिक एक शैक्षिक सत्र का लाभ देते हुए 31 मार्च को रिटायर किया जाए। इस संबंध में शिक्षकों ने हाईकोर्ट में वाद भी दाखिल कर रखा है।
हाईकोर्ट ने शिक्षकों के तर्क को सही मानते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके आधार पर प्रस्ताव तैयार कराते हुए मुख्यमंत्री को भेजा है।
इसमें कहा गया है कि यूपी बोर्ड के राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को बदले शैक्षिक सत्र के आधार पर रिटायरमेंट का लाभ इसी साल से दिया जाए। माध्यमिक शिक्षा विभाग को जैसे ही मुख्यमंत्री की अनुमति मिलेगी इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।