फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Instructions given to finish jpnic work in six months

जेपीएनआईसी का काम छह माह में करें पूरा, आवास विभाग का एलडीए को कम से कम बजट में काम पूरा करने का निर्देश

Wed, 03 Mar 2021 01:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:49 AM IST
विज्ञापन
Instructions given to finish jpnic work in six months
लखनऊ। प्रमुख सचिव आवास ने एलडीए को 865 करोड़ रुपये के जेपीएनआईसी का काम छह माह में पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद एलडीए ने शासन में लंबित संशोधित डीपीआर को अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियोजन विभाग को यह संशोधित डीपीआर जेपीएनआईसी में काम पूरा करने के लिए भेजी गई थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में मंजूरी के बाद शासन जेपीएनआईसी को उपयोग में लाने की तैयारी में है।
विज्ञापन

प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने एलडीए को भेजे पत्र में कहा कि जेपीएनआईसी के अधूरे काम छह महीने में पूरे करा लिया जाएं। योजना पर काम ऐसे पूरा कराया जाए कि प्रदेश सरकार पर वित्तीय भार कम से कम पड़े। एलडीए अपने संसाधनों से भी बजट जुटाकर काम पूरा कर सकता है। यह भी कहा गया कि इस काम को पूरा करने के लिए डीपीआर की मंजूरी जरूर ले ली जाए। प्रोजेक्ट अभियंता आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि करीब 91 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। ऐसे में बाकी कार्य छह महीने में पूरे किए जा सकते हैं। इसके लिए केवल संशोधित डीपीआर को जल्द अनुमोदन मिल जाए।
विज्ञापन

चार साल से नहीं हुआ काम
एलडीए अधिकारियों के मुताबिक जेपीएनआईसी पर अब तक 813 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, चार साल से यहां कोई काम नहीं हुआ। इस समय प्रोजेक्ट पर काम पूरी तरह बंद है। सरकारी बजट खर्च होने के बाद भी इसे उपयोगी नहीं बनाया जा सका है। अब शासन से प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निर्देश हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

995 करोड़ की संशोधित डीपीआर
जेपीएनआईसी का प्रोजेक्ट भले ही अधूरा हो, वहीं इसकी लागत जरूर बढ़ गई है। शासन को गई संशोधित डीपीआर में इसका बजट 995 करोड़ रुपये हो चुका है। यानी, लागत 130 करोड़ रुपये बढ़ चुकी है। वहीं, अब भी ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स ब्लॉक, गेस्ट हाउस ब्लॉक के अलावा लैंडस्केपिंग के काम अधूरे हैं। वहीं, शासन के बजट बढ़ाने से मना करने से बकाया 43 करोड़ रुपये में ही एलडीए को काम पूरा करना है। वहीं, 65 करोड़ रुपये की देनदारी एलडीए पर पहले हो चुके कामों की है। ऐसे में किसी भी तरह एलडीए को स्वीकृत बजट से अधिक का इंतजाम करना होगा।

सदस्यता खोलकर जुटा सकते हैं फंड
एलडीए अब सदस्यता शुरू कर जेपीएनआईसी के अधूरे काम पूरे करने के लिए फंड जुटा सकता है। इसके लिए एलडीए ने पहले आकलन भी कराया था। इससे करीब 40 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। हालांकि, सदस्यता शुरू करने के लिए भी शासन की अनुमति की जरूरत पड़ेगी। ऐसा जेपीएनआईसी के शासकीय प्रोजेक्ट होने से है। मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि जेपीएनआईसी को पूरा करने के लिए शासन की मंशा के मुताबिक काम किया जाएगा। हम हर उस विकल्प पर विचार कर रहे हैं जिससे कम से कम खर्च कर जेपीएनआईसी को उपयोगी बनाया जा सके।
ये काम हो चुके हैं पूरे
- म्यूजियम ब्लॉक
- पार्किंग ब्लॉक
- कन्वेंशन हॉल
- ऑपरेटर का चयन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed