सिविल अस्पताल में मरीज की थाली में निकला कीड़ा, मचा हड़कंप, मामले को दबाने में जुटे अफसर
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अस्पताल के अफसर मामले को दबाने में जुटे रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि खाने में कीड़ा नहीं बल्कि भूना हुआ प्याज था। सीतापुर के रहने वाले छोटू को एक महीने पहले पुलिस ने लावारिस हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। उसका पैर टूटा हुआ था।
मरीज ऑर्थोपैडिक विभाग में भर्ती है। दिव्यांग मरीज छोटू का कोई भी तीमारदार अभी तक नहीं आया है। बुधवार को सुबह अस्पताल से मिलने वाला खाना उसे दिया गया। पूरे वार्ड में भर्ती मरीजों को रोटी, सब्जी प्लेट में दी गई। छोटू को भी उसी में से किचन के कर्मचारियों ने रोटी, सब्जी दी। छोटू ने भोजन की प्लेट को बेड के बगल में रखवा दिया।
तीमारदारों ने की शिकायत
कुछ देर बाद छोटू ने खाना शुरू किया तो उसे सब्जी में कीड़ा दिखा। दिव्यांग मरीज छोटू ने बगल वाले बेड के तीमारदार को इशारे से बुलाकर खाने की थाल दिखाया। तीमारदारों ने खाने में कीड़ा होने की शिकायत नर्स व स्टाफ से की।
नर्स ने थाली को वहां से हटवा लिया। दूसरे तीमारदारों ने भी खाना खाने से मना कर दिया। इससे वार्ड में हड़कंप मच गया। नर्स ने इसकी जानकारी अफसरों को दी। मौके पर पहुंचे अफसरों ने थाल वार्ड से हटवा ली। तीमारदारों को समझाने लगे कि यह कीड़ा नहीं बल्कि भूना हुआ प्याज हैं। अफसरों की तमाम दलीलें देेने बाद भी कई मरीज-तीमारदारों ने खाना नहीं खाया।
आरोप बेबुनियाद
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. एचएस दानू का कहना है कि मरीज की थाली में कीड़ा नहीं निकला था। यह बात बिल्कुल बेबुनियाद है। थाल मंगवाकर चेक किया गया था, लेकिन उसमें भूना हुआ प्याज था। प्याज को ही मरीज कीड़ा समझ रहे थे।