यूनिफॉर्म में लोगो न होने पर बच्चों को दी धूप में खड़ा होने की सजा
- बच्चों को 42 डिग्री की कड़ी धूप में किया गया खड़ा
- मोजे तक स्कूल से खरीदने को किया जा रहा बाध्य
- स्कूल प्रशासन को भेजा नोटिस
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निजी स्कूलों के मनमानी फीस वृद्धि का मामला अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि यूनिफॉर्म पर लोगो न होने के कारण बच्चों को 42 डिग्री की कड़ी धूप में खड़ा रखने की अमानवीय घटना सामने आई है।
मामला राजधानी के सहारा स्टेट स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल की शाखा का है। मंगलवार को यहां स्कूल यूनिफॉर्म में लोगो न लगा होने की वजह से विद्यार्थियों को धूप में खड़ा कर दिया गया।
इस मामले की शिकायत उप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग से की गई, तो उसने संज्ञान लेते हुए स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आयोग से की गई शिकायत में बताया गया है कि एलपीएस द्वारा नर्सरी से लेकर सीनियर क्लासेज तक के विद्यार्थियों को यह सजा दी जा रही है।
कड़ी धूप में उन्हें स्कूल ग्राउंड में खड़ा किया जा रहा है। दरअसल, अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल ने अपनी यूनिफॉर्म में मामूली बदलाव कर दिया है और इस बार उसमें लोगो लगा दिया है।
आयोग ने संस्थापक को जारी किया नोटिस
दबाव बनाया जा रहा है कि फिर से नई यूनिफॉर्म खरीदी जाए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने स्कूल के संस्थापक एसपी सिंह को नोटिस जारी किया है।
इसमें बच्चों को सजा देने और यूनिफॉर्म को लेकर बरती जा रही सख्ती पर जवाब देने को कहा है। इससे पहले सोमवार को स्टडी हॉल के करीब 70 अभिभावकों ने बाल आयोग में स्टडी हॉल स्कूल द्वारा फीस वृद्धि के खिलाफ शिकायत की थी।
इसमें कहा था कि स्कूल ने गैर जरूरी फीस वृद्धि की है। इस मामले में भी आयोग ने स्कूल को नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा था।
आयोग अध्यक्ष जूही सिंह ने बताया कि शहर विभिन्न स्कूलों को अलग-अलग मामलों में नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन उन्होंने इनके जवाब नहीं दिए हैं।
उन्हें फिर से नोटिस भेजकर दो मई तक शिकायतों का जवाब देने के लिए कहा गया है। अगर स्कूलों को यही रवैया रहा तो उनके प्रशासकों को आयोग में समन किया जाएगा।
बच्चों को धूप में खड़ा रखना गलत
यह शिकायत आई स्कूलों की
-स्कूल ड्रेस महंगी बेच रहे हैं, नहीं लेने पर बच्चों को कोरपोरल पनिशमेंट दे रहे
-मोजे तक स्कूल से खरीदने को बाध्य किया जा रहा
-योगा क्लासेस के लिए भी स्कूल अलग से चार्ज कर रहे
उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह का कहना है बच्चों को धूप में खड़ा रखना गलत है। उन्हें इस तरह से कोई भी सजा नहीं दी जानी चाहिए।
यूनिफॉर्म पर लोगो न होना तो छोटी-सी बात है। हमने स्कूल प्रशासन को नोटिस भेजा है। अगर वे दो मई को हाजिर नहीं होते हैं तो समन भेजा जाएगा।
एलपीएस सहारा स्टेट की प्रिंसिपल मीना टांगड़ी का कहना है पिछले सत्र में स्कूल यूनिफॉर्म चेंज हुई थी। बच्चों और अभिभावकों से कई दफा कहा गया कि नई यूनिफॉर्म में बच्चे स्कूल आएं, लेकिन जब तक उन्हें सही से बोलते रहे, उन्होंने सुना नहीं।
अंतत: 25 अप्रैल की डेडलाइन तय की गई। 26 को 150 बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म में स्कूल आए, जिस पर उनके अभिभावकों को फोन करके उन्हें वापस ले जाने के लिए कहा गया। फोन करने में जो समय लगा, उस दौरान बच्चे बेसमेंट में रखे गए, वे छांव में खड़े थे। उन्हें पनिशमेंट नहीं दी गई।