फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Independent Physiotherapy Department to be set up at KGMU; Vice-Chancellor gives assurance.

Lucknow News: केजीएमयू में बनेगा स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग, कुलपति ने दिया आश्वासन

Wed, 09 Sep 2026 02:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
Independent Physiotherapy Department to be set up at KGMU; Vice-Chancellor gives assurance.
कार्यक्रम का शुभारंभ करतीं कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद।
लखनऊ। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के मौके पर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने केजीएमयू में स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन का आश्वासन दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रोविंशियल फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन से प्रस्ताव देने के लिए कहा।
विज्ञापन

संस्थान के कलाम सेंटर में मंगलवार को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि चोट या ऑपरेशन के बाद इलाज केवल सर्जरी और दवाओं तक सीमित नहीं रहता। फिजियोथेरेपी की इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों में फिजियोथेरेपी की आवश्यकता बताई।
विज्ञापन

डीन केके सिंह ने सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया। वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट योगेश माध्यान ने कंधे की सर्जरी के बाद मरीजों के रिहैबिलिटेशन की जानकारी दी। प्रोविंशियल फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल मिश्रा ने स्वतंत्र विभाग बनाने की मांग रखी। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्टों की समस्याओं के समाधान की भी बात कही। कुलपति ने समस्याओं के प्राथमिकता पर निस्तारण और संघ के साथ जल्द बैठक का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट तेजबीर सिंह को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिजियोथेरेपी का महत्व
फिजियोथेरेपी शरीर के प्रभावित हिस्से की ताकत और गतिविधि वापस लाने में मदद करती है। कंधे की सर्जरी के बाद सही कसरत से जकड़न और दर्द कम होता है। इससे हाथ की सामान्य गतिविधियां वापस आती हैं। खेल के दौरान होने वाली कंधे की चोटों में सही तकनीक बचाव में सहायक होती है।

स्ट्रोक और चोट में लाभ
स्पोर्ट्स मेडिसिन के अभिषेक चौधरी ने बताया कि खिलाड़ियों में कंधे की चोट सामान्य है। फिजियोथेरेपी से इन चोटों के प्रभाव से छुटकारा मिलता है। स्ट्रोक के बाद कमजोर हाथ-पैरों की गतिविधि सुधारने में यह सहायक है। फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद मांसपेशियों की ताकत वापस लाने में भी मदद मिलती है। नियमित रिहैबिलिटेशन से मरीज रोजमर्रा के काम करने की क्षमता हासिल करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed