फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Increased problems waiting for reservation: Contenders circling from party headquarters to ministry

आरक्षण के इंतजार में बढ़ी दिक्कतें : लखनऊ में पार्टी मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक के चक्कर लगा रहे दावेदार

Fri, 11 Nov 2022 12:21 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 11 Nov 2022 12:21 PM IST
सार

नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष का टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार सपा और बसपा से टिकट लेने का विकल्प चुन सकते हैं। निकाय चुनाव बेहद स्थानीय होने के कारण दावेदारों की बगावत और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर चुनाव पर पड़ेगा।

विज्ञापन
Increased problems waiting for reservation: Contenders circling from party headquarters to ministry
निकाय चुनाव। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नगर निकाय चुनाव के आरक्षण के इंतजार में महापौर से लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों के साथ राजनीतिक दलों दिक्कतें बढ़ती जा रही है। आरक्षण निर्धारित होने से पहले ही सभी नगर निगमों में महापौर और प्रमुख नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष पद के दावेदारों की लंबी सूची बन गई है। इससे एक ओर जहां दावेदारों के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ रही है। वहीं आरक्षण निर्धारण और अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों के सामने असंतोष को थामने की बड़ी चुनौती होगी।

विज्ञापन


प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दोबारा भाजपा सरकार बनने के बाद निकाय चुनाव को लेकर दावेदारों ने करीब छह महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। खासतौर पर विधायक का टिकट मिलने से वंचित रहे नेता नगर निगम में महापौर और नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर उसी वर्ग के प्रत्याशी उतारे जाने हैं। लिहाजा टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा संघर्ष सामान्य वर्ग की सीटों के लिए है। पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को साधे रखने के लिए भाजपा सहित सभी राजनीतिक दल सामान्य की सीट पर भी पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाएंगे। ऐसे में सामान्य वर्ग के दावेदारों की दिक्कतें भी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन


पार्टी मुख्यालय से मंत्रालय तक चक्कर लगा रहे दावेदार
नगर निगम के वर्तमान महापौर और नगर पालिका परिषद के मौजूदा अध्यक्षों के साथ आगामी चुनाव में इन पदों पर टिकट के दावेदार आरक्षण के लिए पार्टी मुख्यालय से लेकर नगर विकास मंत्रालय तक चक्कर लगा रहे है। दावेदार पार्टी में चुनाव प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों को अपने अपने हिसाब से आरक्षण निर्धारण को लेकर संतुष्ट करने में जुटे हैं। वहीं मंत्रालय से भी संभावित आरक्षण के लिए  पूछताछ कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिग्गजों के अरमानों पर फिर जाएगा पानी
प्रदेश सरकार के मंत्रियों, पार्टी के सांसद और विधायकों के रिश्तेदारों के साथ पूर्व विधायक भी नगर निगम में महापौर और नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है। 2011 की जनगणना और चक्रानुम के हिसाब से सभी दिग्गज दावेदार अपनी-अपनी सीट को खुद के हिसाब से आरक्षित होना तय मान रहे है। जानकारों का मानना है कि निकाय चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारित होने के बाद कई दिग्गजों के अरमानों पर पानी फिर जाएगा। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने आरक्षण अनुकूल नहीं होने पर अपने करीबी दूसरी जाति के उम्मीदवार भी तैयार कर रखे हैं।


सपा और बसपा का विकल्प चुन सकते हैं दावेदार
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के सामने चुनाव में जीत के साथ असंतोष रोकने की भी बड़ी चुनौती है। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष का टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार सपा और बसपा से टिकट लेने का विकल्प चुन सकते हैं। निकाय चुनाव बेहद स्थानीय होने के कारण दावेदारों की बगावत और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर चुनाव पर पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed