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Lucknow News: रिश्वत लेने वाले आयकर अधिकारी को सात साल की कैद
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लखनऊ। कर निर्धारण के लिए व्यापारी से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपी आयकर विभाग के अधिकारी निरंजन कुमार को दोषी ठहराया गया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने उसे सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई। 1.70 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
कोर्ट में सीबीआई की ओर से बताया गया कि वादी जयकेश त्रिपाठी ने 27 मार्च 2015 को सीबीआई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वह मेसर्स प्रगति कॉलोनाइजर्स कंपनी के निदेशक है। कंपनी के वर्ष 2011-2012 के कर निर्धारण के लिए आयकर अधिकारी निरंजन कुमार ने वादी को कई बार दस्तावेज के साथ कार्यालय बुलाया। वादी ने सभी कागजात दे दिए।
आरोप है कि 19 मार्च 2015 को निरंजन कुमार ने वादी को बुलाकर 10 लाख रुपये मांगे। साथ ही धमकी दी कि अगर पैसा नहीं देता है तो उसे पेनाल्टी लगाकर प्रताड़ित करेगा। वादी की शिकायत पर सीबीआई ने फौरी जांच की। वादी ने बताया कि निरंजन कुमार को नोटिस जारी करने के बाद तामिला के समय इनकम टैक्स इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने कहा था कि 10 लाख रुपये देकर मामला सुलटा लो। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी निरंजन कुमार को 31 मार्च को अग्रिम रकम के रूप में दो लाख रुपये की रिश्वत लेते आयकर भवन से गिरफ्तार किया था। सीबीआई टीम पर किया था हमला
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निरंजन कुमार को जब सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने दबोचा तो वह नाराज हो गया। खुद को फंसता देख उसने साथियों के साथ टीम पर हमला बोल दिया था। इसमें टीम के दो सदस्य व उनका गवाह घायल हो गए थे। हालात बेकाबू होते देख सीबीआई अफसरों को मौके पर पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन टीम बुलानी पड़ी। इसके बाद निरंजन को पकड़ा जा सका। सीबीआई निरीक्षक रमाकांत तिवारी ने हजरतगंज थाने में आयकर के निरीक्षक व स्टाफ एसोसिएशन के अवधेश श्रीवास्तव, जेपी सिंह, महासचिव अज्जू और सीपी श्रीवास्तव समेत 70-80 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी।
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कोर्ट में सीबीआई की ओर से बताया गया कि वादी जयकेश त्रिपाठी ने 27 मार्च 2015 को सीबीआई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वह मेसर्स प्रगति कॉलोनाइजर्स कंपनी के निदेशक है। कंपनी के वर्ष 2011-2012 के कर निर्धारण के लिए आयकर अधिकारी निरंजन कुमार ने वादी को कई बार दस्तावेज के साथ कार्यालय बुलाया। वादी ने सभी कागजात दे दिए।
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आरोप है कि 19 मार्च 2015 को निरंजन कुमार ने वादी को बुलाकर 10 लाख रुपये मांगे। साथ ही धमकी दी कि अगर पैसा नहीं देता है तो उसे पेनाल्टी लगाकर प्रताड़ित करेगा। वादी की शिकायत पर सीबीआई ने फौरी जांच की। वादी ने बताया कि निरंजन कुमार को नोटिस जारी करने के बाद तामिला के समय इनकम टैक्स इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने कहा था कि 10 लाख रुपये देकर मामला सुलटा लो। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी निरंजन कुमार को 31 मार्च को अग्रिम रकम के रूप में दो लाख रुपये की रिश्वत लेते आयकर भवन से गिरफ्तार किया था। सीबीआई टीम पर किया था हमला
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निरंजन कुमार को जब सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने दबोचा तो वह नाराज हो गया। खुद को फंसता देख उसने साथियों के साथ टीम पर हमला बोल दिया था। इसमें टीम के दो सदस्य व उनका गवाह घायल हो गए थे। हालात बेकाबू होते देख सीबीआई अफसरों को मौके पर पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन टीम बुलानी पड़ी। इसके बाद निरंजन को पकड़ा जा सका। सीबीआई निरीक्षक रमाकांत तिवारी ने हजरतगंज थाने में आयकर के निरीक्षक व स्टाफ एसोसिएशन के अवधेश श्रीवास्तव, जेपी सिंह, महासचिव अज्जू और सीपी श्रीवास्तव समेत 70-80 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी।