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कोरोना की दूसरी लहर में भी महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले बढ़े

Fri, 09 Jul 2021 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 01:57 AM IST
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In the second wave of corona, cases of domestic violence against women increased
रोली खन्ना
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कोरोना की दूसरी लहर में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध में सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा हुई। पहली लहर में कारण जहां बेरोजगारी और शराब थी।
वहीं, दूसरी लहर में आर्थिक तंगी और संपत्ति विवाद। इस दौरान घरेलू हिंसा का नया कारण सामने आया, वो है पति की मौत के बाद महिलाओं पर होने वाली हिंसा। 181 वन स्टॉप सेंटर के आंकड़े बताते हैं कि मई से अब तक ऐसी 12 शिकायतें पहुंची हैं।
आरोप है कि संपत्ति से बेदखल करने की मंशा लिए ससुरालीजन उन्हें प्रताड़ित कर घर से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, योगी सरकार ने महामारी में जान गंवाने वालों की पत्नियों के पक्ष में तत्काल वरासत कराने व पात्रता की परिधि में आने पर कृषि और आवासीय भूमि का पट्टा देने का अभियान शुरू कर दिया है।
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ऐसे में देखने वाली बात होगी कि पीड़िताओं का हक दिलवाने में यह फरमान कितना असर दिखाता है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहू को बीच राह रुकवाया
शहर के एक पॉश इलाकेे में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला के पति व ससुर की मौत मई में हुई। इसके बाद आने-जाने देने में परेशान करने से लेकर बीच राह अनजान लोगों से गाड़ियां रुकवाकर डराने-धमकाने की कोशिश की गई। जुड़वा बच्चों की परवरिश और नौकरी के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल हो गया। बीच सड़क बहू को रोककर जब हंगामा किया तो सरकारी हेल्पलाइन की मदद लेनी पड़ी। 181 की टीम ने पहुंचकर रेस्क्यू किया। मामला एफआईआर, क्रॉस एफआईआर और काउंसिलिंग के बीच चल रहा है।
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पति की सेवा नहीं करने दी, न मरने की खबर दी
अनबन के बाद कुछ दिन पहले मां के घर गई महिला अपने बेटे को लेकर आशा ज्योति केंद्र पहुंची। आरोप है कि पहले भी प्रताड़ित किया जाता था। ससुर की मौत की खबर नहीं दी गई। सोसाइटी के लोगों से पता चला कि पति बहुत बीमार हैं। मुझे उनसे मिलने तक नहीं दिया गया। इस बीच पति की भी मौत हो गई। आरोप है कि पति की संपत्ति से बेदखल करने के लिए वे ससुराल नहीं आने दे रहे। मेरी कोई नौकरी नहीं। बेटे की परवरिश के लिए हक मांगना पड़ रहा है।
जनवरी से अब तक तेजी से बढ़े मामले
01 जनवरी से 15 मई 2020 तक घरेलू हिंसा के 142 मामले वन स्टाप सेंटर में आए। 16 मई से 31 मई तक की 15 दिन की अवधि में 40 शिकायतें और एक जून से 06 जुलाई तक 80 मामले घरेलू हिंसा के पहुंचे हैं। इनमें से जुलाई के पहले हफ्ते में ही 35 केस आ चुके हैं।
सरकारी योजनाओं से जोड़ने और हक दिलाने की कवायद
वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर अर्चना सिंह कहती हैं कि महिलाओं को निराश्रित महिला योजनाओं के लाभ दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी तरह पिता को खोने वाले बच्चों को बाल सेवा योजना से जोड़ा जाएगा। परिवारवालों की काउंसिलिंग भी की जा रही है।

पति की संपत्ति में हक, ससुराल से नहीं निकाला जा सकता
पति की संपत्ति में पत्नी को बच्चों के बराबर का हक है। संपत्ति है तो भी नहीं है तो भी। उसे ससुराल से नहीं निकाला जा सकता। जिस घर में वे शादी करके आई है, उस घर में उसका पूरा हक है। महिलाओं को अपना हक लेना होगा।
- रेनू मिश्रा, कार्यकारी निदेशक, आली
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