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Lucknow News: फहद की करंट से हुई मौत के मामले में छोटे फंसे, बड़े बचे
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लखनऊ। फूलबाग स्थित शंकरपुरी कॉलोनी के पार्क में 27 जुलाई की सुबह 10:15 बजे बालक फहद कुरैशी की करंट से हुई मौत की जांच में बड़े जिम्मेदार बच गए, मगर छोटे कर्मचारी फंस गए हैं।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय लखनऊ क्षेत्र के उपनिदेशक (रिपोर्ट पर उनके नाम तक का उल्लेख नहीं) ने यह जांच की है। विधान सभा में मामला उठने पर उपनिदेशक की ओर से पिछले दिनों ही हुसैनगंज के अधिशासी अभियंता को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के लिए अनुरक्षण (मेंटेनेंस) से संबंधित कर्मचारी उत्तरदायी हैं। प्रबंधन को ऐसे कर्मचारी पर कार्रवाई करते हुए मृत बालक फहद के पिता मोहम्मद फरीद कुरैशी को क्षतिपूर्ति देनी चाहिए।
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अधिशासी अभियंता अरुण कुमार भारती ने बताया कि निदेशालय की जांच रिपोर्ट मिल गई, जिसकी सोमवार को समीक्षा की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर सवाल : रिपोर्ट में सिर्फ अनुरक्षण स्टाफ को किस आधार पर उत्तरदायी ठहराया है, ये बड़ा सवाल है। ऐसे कर्मियों को न तो स्टोर से सामान लेने का अधिकार और न ही काम कराने का। इसकी जिम्मेदारी एसडीओ एवं जेई की होती है। अनुरक्षण स्टाफ सिर्फ निर्देशों का पालन करते हैं। अनुमति न हो तो ये कर्मी खुद से कुछ नहीं कर सकते।
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ये है पूरा मामला
शंकरपुरी कॉलोनी के पार्क में 27 जुलाई सुबह 10:15 बजे बालक फहद कुरैशी की मौत ट्रांसफार्मर के पेटी यार्ड के गेट की टूटी जाली से घुसकर गेंद उठाने के दौरान हुई थी। फहद गेंद उठाने गया तो पेटी के फ्यूज वायर की चपेट में आकर चिपक गया था। इस लापरवाही के लिए संविदा कर्मी अमरजीत के ड्यूटी आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बच्चे के परिजन के बैंक खाते में पांच लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी गई है।
रिपोर्ट में इन तीन सवालों का जवाब नहीं
- मेंटेनेंस से जुड़े कार्यों के लिए निर्देश देने वाले सक्षम अधिकारी उपखंड अधिकारी एवं जूनियर इंजीनियर ने घटना स्थल वाली जगह का कब निरीक्षण किया था?
- निरीक्षण में गेट की जाली टूटी मिली थी या नहीं? यदि जाली टूटी थी तो उन्होंने कर्मियों को कब उसकी मरम्मत करने का आदेश दिया था।
- पेटी की घेराबंदी के गेट की जाली कब लगाई गई थी और उसका गेट कब से टूटा पड़ा हुआ था, इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।