फाइलें गुम, रुका हाउस टैक्स का काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम के हजरतगंज वार्ड से जुड़ी कॉमर्शियल संपत्तियों के गृह कर
इसकी वजह से लाखों रुपये की हाउस टैक्स वसूली अटकी है। इसे लेकर जोन-एक के कर अधीक्षक ने नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेजी है।
उधर, फाइलों के गायब होने के पीछे करीब आठ महीने पहले नगर निगम से स्थानांतरित हुए एक कर अधीक्षक का हाथ माना जा रहा है और अब उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। कर अधीक्षक को नोटिस जारी करने के बाद उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
करीब
आठ महीने पहले कर निरीक्षक राजेश सिंह का प्रमोशन कर अधीक्षक पद पर हुआ
था। इसके बाद उनका तबादला नगर निगम से बिजनौर नगर पालिका कर दिया गया। उनके
साथ ही करीब दर्जन भर प्रमोटी कर अधीक्षकों का भी तबादला किया गया था।
लखनऊ से बाहर न जाना पड़े इसे लेकर इन कर अधीक्षकों ने न्यायालय में वाद
दायर किया था। हालांकि इन्हें राहत नहीं मिली थी। इसके बाद शासन के आदेश पर
प्रमोटी कर अधीक्षकों को नई तैनाती पर जाना पड़ा।
नई तैनाती पर जाने से
पहले कर अधीक्षक राजेश सिंह ने अपना चार्ज किसी को नहीं दिया। प्रमोट होने
से पहले कर निरीक्षक के तौर पर राजेश सिंह हजरतगंज वार्ड का निरीक्षण देखते
थे।
वर्ष 2010 से गृहकर निर्धारण की नई दरें लागू होने के बाद संपत्तियों
का सर्वे कर नए सिरे कर निर्धारण किया जा रहा है। कर
अधीक्षक जोन-एक श्रीधर यादव का कहना है कि हजरतगंज वार्ड में कॉमर्शियल
सम्पत्तियों के कर निर्धारण से जुड़ी करीब 100 फाइलें गायब हैं।
यह मिल
नहीं रही हैं। हजरतगंज वार्ड का काम देखने वाले पूर्व कर
निरीक्षक ने नई तैनाती पर जाने से पहले गृहकर निर्धारण से जुड़ी फाइलें
नहीं दीं, जिसके कारण कई लाख रुपये की गृह कर वसूली लटक गई है।