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शिक्षकों के वेतन से जुड़ी बड़ी खुशखबरी, जरूर पढ़िए

Tue, 05 May 2015 01:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Tue, 05 May 2015 01:21 PM IST
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Important decision on teachers salary

जिला विद्यालय निरीक्षकों की मनमानी से आए दिन होने वाले मुकदमों को लेकर होने वाली विभागीय किरकरी से बचने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है।

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डीआईओएस से कहा गया है कि वे सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों के सेवा संबंधी मामलों को समय से निस्तारित करेंगे।

यही नहीं मनमाने ढंग से शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन भी नहीं रोका जा सकेगा। प्रकरण को अनावश्यक रूप से लटकाने के लिए उच्च स्तर पर संदर्भित न किया जाए। प्रत्येक स्थिति में विभागीय दायित्वों का निर्वहन समय से किया जाएगा।
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डीआईओएस की मनमानी का आलम यह है कि सहायता प्राप्त स्कूलों में होने वाली नियुक्तियों पर वे अपने हिसाब से काम करते हैं। एक ही नियम से रखे गए कुछ शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन तो दिया जाता है और कुछ का रोक दिया जाता है।
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ऐसे मामलों में आए दिन मुकदमे होते रहते हैं। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक से लेकर प्रमुख सचिव तक को हाईकोर्ट में जाकर खड़ा रहना पड़ता है।

ये निर्देश भी दिए गए

Important decision on teachers salary

माध्यमिक शिक्षा निदेशक अवध नरेश शर्मा ने प्रदेशभर के डीआईओएस को भेजे निर्देश में कहा है कि वे शासकीय दायित्वों का समय से निस्तारण करेंगे।

उन्होंने कहा है कि डीआईओएस किसी भी प्रकरण का तुरंत संज्ञान लेंगे। अधिनियम व नियमों में दी गई व्यवस्था के आधार पर उसका परीक्षण होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कमी या गड़बड़ी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित को दी जाए।

उत्तर प्राप्त होने के बाद गुणदोष के आधार पर समय से मामले का निस्तारण होगा। साथ ही अधीनस्थों को सौंपे गए काम की माह में कम से कम दो बार समीक्षा की जाएगी। इस दौरान लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

डीआईओएस मनमानी से बाज नहीं आता है तो उसके वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में इसकी इंट्री की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पहली बार यह व्यवस्था लागू की है।

उन्हें निर्देश दिया गया है कि किसी भी मामले में समय से निर्णय न किए जाने पर इसको गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत के बाद जांच के दौरान डीआईओएस की लापरवाही साबित होने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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