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कैसरबाग अड्डे पर वैध से ज्यादा अवैध वेंडर
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 29 Dec 2013 05:26 PM IST
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परिवहन मंत्री ने कैसरबाग बस अड्डे पर अवैध वेंडरों की कारस्तानी पर क्षेत्रीय प्रबंधक समेत चार को निलंबित किया था।
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इस कार्रवाई के बाद भी दबंग अवैध वेंडरों का कैसरबाग बस अड्डे पर कब्जा है। अवैध वेंडर जबरिया बस में घुसकर मनमाने दाम पर रेवड़ी और पानी आदि को बेचते।
जो सवारी कीमत को लेकर सवाल करते तो उनसे अवैध वेंडर मारपीट करते हैं। अवैध वेंडरों को पुलिस का संरक्षण है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
परिवहन निगम ने इस बस अड्डे पर वैध रूप से खानपान की वस्तुएं बेचने के लिए 8 वेंडरों के साथ में ही अनुबंध किया है।
लेकिन 30 से अधिक अवैध वेंडर दिन भर अड्डे से बस तक धमाचौकड़ी मचाते हैं। जो वैध वेंडर हैं उनका अनुबंध फल बेचने का है पर दबंगई के चलते वह पानी की बोतल भी बेच रहा है।
कैंटीन में जो पानी 12 का है वह वैध वेंडर 18 रुपये का बेच रहे, जिसका शिकार खुद परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव तक हो चुके हैं।
कर्मचारी बताते कि अवैध वेंडरों को अड्डे से खदेड़ने के लिये तमाम बार चौकी प्रभारी से शिकायत की जा चुकी पर कार्रवाई नहीं करते हैं।
दरअसल कैसरबाग के कई लोग दबंगई और पुलिस की सांठगांठ से अड्डे पर अवैध रूप से खानपान की बिक्री कराने का ठेका ले रखा है।
जो अधिकारी और कर्मचारी अवैध वेंडरों पर नकेल कसता तो उसके खिलाफ नियोजित तरीके से बवाल कराया जाता है।
अवैध वेंडरों ने प्रभारी को घेरा
संविदा कंडक्टर एवं ‘नेता’ के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर अवैध वेंडरों और उनके समर्थकों ने रविवार को दोबारा अड्डे के प्रभारी का घेराव कर हंगामा किया।
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यह घेराव एवं हंगामा उस वक्त हुआ जब चौकी प्रभारी खुद प्रकरण का समझौता कराने के लिए प्रभारी के पास पहुंचे थे।
एक सपा नेता और चौकी प्रभारी ने अड्डे के प्रभारी से बातचीत कर रहे थे तो अवैध वेंडर और समर्थक कक्ष के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी कर रहे थे। बाद में चौकी प्रभारी ने आपसी बातचीत से प्रकरण का पटाक्षेप करा दिया।
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‘नेता’ पर अवैध वसूली का आरोप
हीरा सोनकर की माने तो एक कर्मचारी ‘नेता’ एवं संविदा कंडक्टर अवैध वेंडरों से 100 से 150 रुपये रोजाना का हफ्ता लेकर खानपान की वस्तुओं को अड्डे पर बिकवाने की कारस्तानी करता है।
जो अवैध वेंडर हफ्ता नहीं नहीं देता तो उसके साथ अभद्रता और मारपीट करता है। इस ‘नेता’ ने शनिवार रात को हफ्ता न देने पर अधिकारियों को लेकर उसके काउंटर पर चेकिंग करने पहुंचा था।
चेकिंग के दौरान शनिवार को इस ‘नेता’ ने उसके बेटे की पिटाई की थी, जिसकी पुलिस को तहरीर दी गई ,जिसमें अवैध वसूली करने का जिक्र है।