इंजीनियरों का कारनामा, घूस लेकर दो साल से सील अपार्टमेंट में करा दिया अवैध निर्माण
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वहीं तीन दिन के अंदर अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश कर दिया गया है। यह अवैध निर्माण बिल्डर दीपक सिंह और आलोक सिंह ने महानगर में रेलवे क्रॉसिंग के पास फैजाबाद रोड पर खसरा संख्या 83, 84, 85 और 89 पर किया है। एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक 21 मई 2014 को बिल्डर ने दो टावर का नक्शा पास कराया।
पहले तो बिल्डर ने दोनों टावर को संयुक्त करकेनिर्माण करा लिया। इसके बाद छह मंजिल तक निर्माण पूरा कर लिया। सातवीं मंजिल पर निर्माण बिल्डर ने जब शुरू किया। इसके बाद छह जून 2016 को अवैध निर्माण सील कर दिया गया। इसके बाद से लगातार काम बंद था। बीच में काम शुरू हुआ तो 25 सितंबर 2016 को पुलिस में एफआईआर करा दी गई।
घूस लेकर निर्माण पर कार्रवाई शुरू
पिछले दिनों वीसी ने अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्रा को जोन-5 से हटाया गया। विहित प्राधिकारी को मिली शिकायत के मुताबिक, इसका फायदा उठाते हुए क्षेत्रीय अभियंता रविंद्र श्रीवास्तव और सहायक अभियंता एसएम प्रसाद ने सातवीं मंजिल पर भी निर्माण पूरा कर दिया।
एलडीए में यह भी चर्चा है कि घनी आबादी में अवैध निर्माण की गंभीरता को देखते हुए इससे पहले तैनात रहे सभी पांच अवर अभियंता में से किसी ने सातवीं मंजिल पर निर्माण नहीं होने दिया था। विहित प्राधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि घूस लेकर इंजीनियर्स द्वारा अवैध निर्माण कराने की जानकारी मिली है।
इस पर क्षेत्रीय अवर अभियंता रविंद्र श्रीवास्तव और सहायक अभियंता एसएम प्रसाद से जबाव मांगा गया है। प्रभारी अधिशाषी अभियंता नवनीत शर्मा खुद इस पूरे मामले में सात दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं तीन दिन में किसी भी हालत में अवैध निर्माण तोड़कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।