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Lucknow News: गलियों में खड़े हो गए अवैध अपार्टमेंट, एक गाड़ी जाने की भी जगह नहीं

Sat, 03 Oct 2026 02:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:11 AM IST
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Illegal apartments have sprung up in the lanes, leaving no room even for a single vehicle to pass.
ऐसी संकरी गलियों में बन गए हैं कई अपार्टमेंट।
लखनऊ। लालबाग के डॉ. सूजा रोड पर महज पांच फीट चौड़ी गली में अगल-बगल चार अपार्टमेंट खड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि आग लगने पर दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच सकती। किसी आपात स्थिति में भगदड़ मचने पर लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में भी मुश्किल हो सकती है। डॉ. सूजा रोड ही नहीं, कैसरबाग, नजरबाग, फूलबाग और चौक समेत पुराने शहर में भी संकरी गलियों के बीच ऐसे कई बहुमंजिला अपार्टमेंट खड़े किए हैं।
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पुराने शहर में ज्यादातर जगहों पर सड़कें और गलियां बेहद संकरी हैं। बढ़ती आवासीय मांग का फायदा उठाकर बिल्डरों ने एक से दो हजार वर्ग फीट में बने पुराने मकानों को तोड़कर उन पर कई मंजिला अपार्टमेंट बना दिए। आरोप है कि ऐसे कई निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हैं, फिर भी एलडीए के इंजीनियरों की मिलीभगत से इन्हें खड़ा कर दिया गया और बाद में फ्लैट बेच भी दिए गए। इनमें कई के नक्शे एलडीए से स्वीकृत नहीं बताए जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया है और कई भवनों में निर्धारित सेटबैक तक नहीं छोड़ा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट सख्त, फिर भी निर्माण
अलीगंज अग्निकांड के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद एलडीए ने अलीगंज में करीब 51 अवैध निर्माण चिह्नित किए। इनमें 20 से 25 साल पुराने शोरूम, कॉम्प्लेक्स, अस्पताल, बैंक और रेस्टोरेंट शामिल हैं। इनमें से 17 निर्माणों को एलडीए ने सील किया, लेकिन पुराने शहर के अन्य इलाकों में इसी तरह के पुराने निर्माणों पर कार्रवाई नहीं हुई।
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कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
एलडीए के जानकारों का आरोप है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कई बार केवल दिखावे तक सीमित रहती है। इंजीनियर वहीं कार्रवाई करते हैं, जहां उनकी बात नहीं बनती। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद गोमतीनगर, अलीगंज, चौक, कैसरबाग और अन्य इलाकों में अवैध निर्माण जारी हैं।

ऐसी संकरी गलियों में बन गए हैं कई अपार्टमेंट।

ऐसी संकरी गलियों में बन गए हैं कई अपार्टमेंट।

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