फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ignorance of rules in teachers recruitment

नियम ताक पर, रिश्तेदारों को बनाया शिक्षक

Sun, 19 Jan 2014 10:10 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 19 Jan 2014 10:10 AM IST
विज्ञापन
ignorance of rules in teachers recruitment

प्रदेश के इंटर कॉलेजों में शिक्षक रखने के नाम पर केवल सहायता प्राप्त स्कूलों में ही खेल नहीं होता, बल्कि चयन बोर्ड से होने वाली भर्तियों में भी खेल हुआ है।

विज्ञापन


इसका खुलासा विभागीय जांच में हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि चयन बोर्ड के उस समय के कुछ पदाधिकारियों ने अपने नाते-रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया।
विज्ञापन


प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर लिखाने के निर्देश निदेशक माध्यमिक शिक्षा बासुदेव यादव को दिए हैं।

साथ ही इस मामले की पूरी जांच राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी है।

उत्तर प्रदेश में माध्यमिक परिषद के अधीन इंटर कॉलेज संचालित होते हैं। इसके अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज और सहायता प्राप्त स्कूल आते हैं।

सहायता प्राप्त स्कूलों में संबद्ध प्राइमरी यानी कक्षा 8 तक शिक्षकों को रखने का अधिकार स्कूल प्रबंधक को होता है। स्कूल प्रबंधक जिला विद्यालय निरीक्षक से अनुमति लेने के बाद शिक्षकों की भर्ती करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कक्षा 9 से 12 तक के लिए सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाचार्य रखने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड निभाता है।

चयन बोर्ड सहायता प्राप्त स्कूलों से रिक्तियां लेकर विज्ञापन निकालता है और भर्तियां करता है।

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2009-10 में करीब 1000 पदों पर शिक्षकों की भर्तियों के लिए सेवा चयन बोर्ड ने विज्ञापन निकाला था। इसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया की गई और जब रिजल्ट आया तो हंगामा शुरू हो गया।


इसके बाद विभागीय जांच कराई गई तो गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा और भूगोल के शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ियों का पता चला।

भर्ती के लिए तत्कालीन चेयरमैन के साथ अन्य लोगों को दोषी पाया गया है। शासन ने इसके आधार पर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने का निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशक को दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed