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UP News: आईएएस विजय किरन आनंद इन्वेस्ट यूपी के नए सीईओ बने, अपर निदेशक राज राजकुमार प्रतीक्षारत

Wed, 09 Apr 2025 08:03 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 09 Apr 2025 08:03 PM IST
सार

यूपी सरकार ने आईएएस विजय किरन आनंद को इन्वेस्ट यूपी का सीईओ नियुक्त किया है। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण आईएएस अभिषेक प्रकाश को इस पद से हटा दिया गया था।

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IAS Vijay Kiran Anand becomes the CEO of Invest UP.
आईएएस विजय किरण आनंद। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रयागराज महाकुम्भ की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद को इन्वेस्ट यूपी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और अवस्थापना व औद्योगिक विकास विभाग का सचिव बनाया गया है। इस पद पर मूल तैनाती के साथ उनके पास मेला अधिकारी, कुम्भ मेला प्रयागराज के पद का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। वह इन्वेस्ट यूपी की दिशा और दशा सुधारने के साथ-साथ पुरानी गड़बड़ियों की भी जांच करेंगे।

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इन्वेस्ट यूपी के पूर्व सीईओ अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद ये विभाग सुर्खियों में छाया है। विजय किरण आनंद पर विभाग की छवि बेहतर करने और कामकाज में पारदर्शिता लाने के साथ निवेश की रफ्तार बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। प्रदेश को दस खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में इन्वेस्ट यूपी की भागीदारी और भूमिका दोनों में आमूलचूल बदलाव भी किया जाएगा।
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निवेश के गति बढ़ाने के साथ विजय किरण आनंद शिकायतों और अनियमितताओं की जांच करेंगे। दोषी अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार कर हटाया जाएगा। 75 वर्ष से ऊपर के स्टाफ के कामकाज की समीक्षा होगी। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसियों के काम की समीक्षा भी करेंगे।
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अपर निदेशक पंचायती राज राजकुमार हटाए गए
अपर निदेशक पंचायती राज राजकुमार को पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है। राज कुमार पिछले 11 साल से विभाग में जमे थे। उन पर डिजिटल लाइब्रेरी समेत योजना के कई टेंडरों में अनियमितता का आरोप था। इस संबंध में उनकी तमाम शिकायतें थीं। जिसे संज्ञान में लेने के बाद पद से हटा दिया गया।


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सीएम योगी ने दिया था संपत्ति जांच का आदेश
वहीं, आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस ने गोपनीय जांच शुरू कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसूली के आरोप के बाद अभिषेक प्रकाश की सभी चल-अचल संपत्तियों की जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद नियुक्ति विभाग ने गृह विभाग को पत्र लिखा था। गृह विभाग ने परीक्षण के बाद विजिलेंस को जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

सूत्रों की मानें तो वर्ष 2006 बैच के आईएएस अभिषेक प्रकाश के तकरीबन पूरे कार्यकाल की विजिलेंस द्वारा जांच की जाएगी। इंवेस्ट यूपी में तैनाती से पूर्व वह लखीमपुर खीरी, बरेली, हमीरपुर, लखनऊ, अलीगढ़ के डीएम रह चुके हैं। वह लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के पद पर भी तैनात रहे हैं। लखीमपुर और बरेली में डीएम रहने के दौरान कई बीघा कृषि योग्य भूमि खरीदने के आरोपों की बीते दिनों जांच भी कराई गई थी, हालांकि यह भूमि उनके करीबी परिजनों के नाम पर खरीदे जाने की वजह से उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। 

अब विजिलेंस उनकी और उनके करीबी परिजनों के नाम पर खरीदी गई सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाएगा। साथ ही, यह पड़ताल भी करेगा कि पूरे कार्यकाल के दौरान कुल वैध आय कितनी रही और उन्होंने चल-अचल संपत्तियों को खरीदने और भरण-पोषण पर कितना व्यय किया। विजिलेंस गोपनीय जांच पूरी करने के बाद अभिषेक प्रकाश का स्पष्टीकरण लेगा और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर विजिलेंस शासन के निर्देश पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करेगा।

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