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Lucknow News: खाना-ए-काबा का दीदार होते ही नहीं याद रही दुनिया
Sat, 14 Jun 2025 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 14 Jun 2025 02:03 AM IST
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हाजियों को लेने एयरपोर्ट पहुंचे परिजन। -संवाद
लखनऊ। खाना-ए-काबा पर पहली नजर पड़ते ही दुनिया याद ही नहीं रही। अल्लाह खाना-ए-काबा के दीदार करने का मौका सबको दे। शुक्र उस परवरदिगार का...अल्लाह इस मुबारक हज का मौका हर मोमिन को मिले। शनिवार को लखनऊ पहुंचे हाजियों ने अमर उजाला से हज और सफर की खुशियों को साझा किया। हाजियों का कहना था कि हज से उनके अंदर की बुराइयां खत्म हो गईं, उनका जिस्म पाक हो गया है। अल्लाह अब उन्हें बुराइयों से दूर ही रखे।
सऊदी अरब में हज के अरकान पूरे कर शुक्रवार को दो उड़ान से 576 हाजियों ने वतन वापसी की। हाजियों ने हज मुकम्मल होने पर रब का शुक्र अदा किया। चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर हाजियों को फूल देकर उनका इस्तकबाल किया गया। प्रदेश से हज पर जाने वाले 13685 यात्री अब हाजी कहलाएंगे।
चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से कुल 5522 हज यात्रियों को मदीना मुनव्वरा रवाना किया गया था। सऊदी अरब में हज के बाद पहली उड़ान से 288 हाजी बृहस्पतिवार देर रात 12:05 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह 5:22 बजे दूसरी उड़ान से 287 और तीसरी उड़ान से शाम 7:35 बजे 289 हाजी लौटे।
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शुक्रवार को एयरपोर्ट पर हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी, विशेष कार्याधिकारी जावेद खान, प्रशासनिक अधिकारी आरिफ रऊफ ने हाजियों को गुलाब देकर इस्तकबाल किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर अपनों के गले लगते ही हाजियों की आंखें छलक आईं।
हज के दौरान गर्मी का नहीं हुआ अहसास
हरदोई के फरहान खान ने कहा कि खाना ए काबा का दीदार करने के बाद कुछ याद हीं नही रहा। हज के दौरान गर्मी तो थी, लेकिन गर्मी का अहसास नहीं हो रहा था। सऊदी सरकार ने मिना और अराफात के रास्ते में जगह-जगह पानी की फुहार छोड़ने के लिए फव्वारे लगवा रखे थे।
रेहान सिद्दीकी का कहना था कि स्थानीय लोगों के हज करने पर इस बार सख्ती से रोक लगी होने की वजह से हज के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई। सभी सहूलियत आसानी से मुहैया हो रही थीं।
कानपुर के फरीद अहमद का कहना था कि हज ने उनके अंदर एक अजीब रूहानी ताकत पैदा कर दी है। साथ ही बुराइयों से बचने की ताकत भी अता की है।
सिद्धार्थ नगर के निजाम अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहते हैं कि हज का फरीजा कर उनकी अल्लाह से मोहब्बत बढ़ गई है। साथ ही बुराइयों से नफरत सी हो गई है। काफी इंतजार के बाद अल्लाह ने यह मुबारक मौका दिया। अल्लाह से दुआ हैं कि यह हज अल्लाह कुबूल करे। हज इंस्पेक्टर अब्दुर्रहीम ने बताया कि बीते 20 सालों में इस बार हज में बेहतर इंतजाम थे।
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सऊदी अरब में हज के अरकान पूरे कर शुक्रवार को दो उड़ान से 576 हाजियों ने वतन वापसी की। हाजियों ने हज मुकम्मल होने पर रब का शुक्र अदा किया। चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर हाजियों को फूल देकर उनका इस्तकबाल किया गया। प्रदेश से हज पर जाने वाले 13685 यात्री अब हाजी कहलाएंगे।
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चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से कुल 5522 हज यात्रियों को मदीना मुनव्वरा रवाना किया गया था। सऊदी अरब में हज के बाद पहली उड़ान से 288 हाजी बृहस्पतिवार देर रात 12:05 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह 5:22 बजे दूसरी उड़ान से 287 और तीसरी उड़ान से शाम 7:35 बजे 289 हाजी लौटे।
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शुक्रवार को एयरपोर्ट पर हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी, विशेष कार्याधिकारी जावेद खान, प्रशासनिक अधिकारी आरिफ रऊफ ने हाजियों को गुलाब देकर इस्तकबाल किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर अपनों के गले लगते ही हाजियों की आंखें छलक आईं।
हज के दौरान गर्मी का नहीं हुआ अहसास
हरदोई के फरहान खान ने कहा कि खाना ए काबा का दीदार करने के बाद कुछ याद हीं नही रहा। हज के दौरान गर्मी तो थी, लेकिन गर्मी का अहसास नहीं हो रहा था। सऊदी सरकार ने मिना और अराफात के रास्ते में जगह-जगह पानी की फुहार छोड़ने के लिए फव्वारे लगवा रखे थे।
रेहान सिद्दीकी का कहना था कि स्थानीय लोगों के हज करने पर इस बार सख्ती से रोक लगी होने की वजह से हज के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई। सभी सहूलियत आसानी से मुहैया हो रही थीं।
कानपुर के फरीद अहमद का कहना था कि हज ने उनके अंदर एक अजीब रूहानी ताकत पैदा कर दी है। साथ ही बुराइयों से बचने की ताकत भी अता की है।
सिद्धार्थ नगर के निजाम अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहते हैं कि हज का फरीजा कर उनकी अल्लाह से मोहब्बत बढ़ गई है। साथ ही बुराइयों से नफरत सी हो गई है। काफी इंतजार के बाद अल्लाह ने यह मुबारक मौका दिया। अल्लाह से दुआ हैं कि यह हज अल्लाह कुबूल करे। हज इंस्पेक्टर अब्दुर्रहीम ने बताया कि बीते 20 सालों में इस बार हज में बेहतर इंतजाम थे।